नैनीताल। मानसून में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भूस्खलन और सड़क बंद होने के आधे-अधूरे वीडियो से नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर असर पड़ रहा है। स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सनसनीखेज दृश्य तो तुरंत प्रसारित कर देते हैं लेकिन सड़क खुलने और यातायात सामान्य होने की जानकारी नहीं देते। इससे पर्यटकों में भ्रम और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
कारोबारियों के अनुसार बारिश के दौरान पहाड़ों में संवेदनशील स्थानों पर मलबा आना सामान्य है। प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की टीमें मलबा हटाकर कई स्थानों पर कुछ घंटों में यातायात सुचारू करा देती हैं। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बाद की स्थिति का अपडेट नहीं दिया जाता। कारोबारियों का कहना है कि इसका असर होटल बुकिंग और बाजार पर पड़ने लगा है।
स्थानीय कारोबारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के बजाय पुलिस और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर यात्रा की योजना बनाएं।
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- पहाड़ों में बारिश के दौरान छोटा-मोटा भूस्खलन होना स्वाभाविक है। यूट्यूबर्स सड़क पर गिरे मलबे का वीडियो तो तुरंत डाल देते हैं, लेकिन प्रशासन ने महज दो-तीन घंटों में जो रास्ता साफ किया, उसे कोई नहीं दिखाता। इस सनसनीखेज प्रचार के कारण पर्यटकों में खौफ है और हमारी बुकिंग्स रद्द हो रही हैं। - राजेंद्र सिंह नेगी, जीएम, हैप्पी होम, नैनीताल
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- इंटरनेट पर दिखाई जा रही भ्रामक तस्वीरों से लोगों को लग रहा है कि नैनीताल बंद है, जबकि यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। सोशल मीडिया को जिम्मेदारी समझनी चाहिए। अगर वे बंद सड़क दिखा रहे हैं, तो सड़क खुलने का अपडेट भी दें। नैनीताल पूरी तरह सुरक्षित और पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। - दिग्विजय सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, होटल एंड रैस्टोरेंट, नैनीताल
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