सूकार्बेट पार्क में सांप के डंसने से पहली बार बाघ के मरने की घटना रिपोर्ट हुई है। इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग की सिंचाई नहर में डूबने से हिरन की मौत हो गई। दोनों वन्यजीवों का विभाग ने पोस्टमार्टम करवाया, जिसके बाद उन्हें नष्ट कर दिया गया।
कार्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज जसपुर ब्लॉक कक्ष संख्या 48 फीका रोड में मंगलवार को वनकर्मियों ने गश्त के दौरान बाघ का शव पड़ा देखा। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे कालागढ़ डिवीजन के एसडीओ आरके तिवारी ने बताया कि बाघ की मौत सांप के डंसने से हुई है। वहीं, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम में बाघ के मुंह में दांत के दो निशान मिले हैं। सांप के काटने के बाद बाघ के मुंह से खून नहीं रुक रहा था। मृतक बाघ नर है, जिसकी उम्र करीब सात वर्ष है। उन्होंने बताया कि तड़के करीब चार बजे के आसपास सांप ने बाघ को डंसा होगा। बाघ के के पोस्टमार्टम में डॉ. दुष्यंत भी शामिल रहे।
इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग के छोई फीडर स्थित सिंचाई नहर में मंगलवार सुबह एक हिरन का शव मिला। रेंजर शेखर चंद्र तिवाड़ी ने बताया कि मृत मादा हिरन की उम्र तीन वर्ष है। बाघ से अपनी जान बचाने के प्रयास में हिरन नदी में कूद गया। उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे। उन्होंने बताया कि जरूरी कार्रवाई के बाद आरक्षित वन क्षेत्र में उसे दफना दिया गया।