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बृहस्पतिवार से पर्वतीय जिलों में भारी बारिश

Wed, 13 Jul 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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 मौसम विभाग ने 14 जुलाई से अगले 72 घंटे के लिए भारी से भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों और गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून जिले के लिए जारी की गई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी का मतलब है कि संबंधित जिले के लोग भारी बारिश के लिए तैयार रहें । मुसीबत यह है कि मौसम विभाग ने इस चेतावनी में भी कहा है कि भारी से भारी बारिश कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में हो सकती है। भारी से भारी बरसात का मतलब है कि 65 से लेकर 200 मिमी तक की बरसात हो सकती है। दूसरे शब्दों में  एक वर्ग मीटर क्षेत्र में अधिकतम 200 लीटर तक पानी बरस सकता है।
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बारिश का स्थान विशेष के हिसाब से अनुमान लगाना मौसम विभाग के लिए फिलहाल प्रदेश में संभव नहीं हो पा रहा है। मुसीबत यह भी है कि पिथौरागढ़ सहित किसी भी पर्वतीय जिले में अलग-अलग हिस्सों में बरसात का स्वरूप अलग रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक कुमाऊं मंडल में नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में 14 जुलाई से अगले तीन दिन में भारी से भारी बारिश हो सकती है। चेतावनी में भारी बरसात भी कुछ चुनिंदा स्थानों पर होने का अनुमान जताया गया है। इसका मतलब यह भी है कि जिले के चौथाई हिस्से में यह बरसात हो सकती है। मौसम विभाग यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि यह चौथाई हिस्सा कौन सा होगा। ऐसे में चेतावनी पूरे जिले को लेकर ही जारी की गई है। अगले दो दिन भी बरसात जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग की ओर से जारी की गई चेतावनी में भारी से लेकर अधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब यह भी है कि स्थान विशेष में 65 से लेकर 200 मिमी तक की बरसात हो सकती है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक साधारण शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि एक वर्ग मीटर में 65 से लेकर 200 लीटर तक पानी बरस सकता है। जाहिर है कि  भूस्खलन के पहले से ही सक्रिय क्षेत्रों में यह बरसात मारक साबित हो सकती है। इसके साथ ही यह भी साफ करना जरूरी है कि बरसात की मारक क्षमता इसके ऊपर भी निर्भर करती है कि यह बरसात कितने समय में होती है। 200 मिमी पानी अगर चार  घंटे में बरसे तो यह इतना ही एक घंटे में हुई बारिश से कम नुकसान करने वाला होगा।
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