जनजागरण रैली से पहले भाजपा नेताओं के दावे बड़े-बड़े थे मगर धरातल पर आज हकीकत कुछ और दिखाई पड़ी। बड़े नेता हाथ जोड़कर जनजागरण यात्रा में बिना समर्थकों के पहुंच गए और सभा के दौरान भीड़ का आंकलन करने में जुटे रहे। खास बात ये रही कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से सांसद भगत सिंह कोश्यारी के साथ 18 गाड़ियों का काफिला तो था मगर गाड़ियों में मुश्किल से 20 ही लोग थे। सभा को जब प्रदेश अध्यक्ष ने संबोधित करना शुरू किया तो पंडाल खाली होने लगा।
राष्ट्रपति शासन के विरोध और लोकतंत्र बचाने को लेकर रविवार को कांग्रेस ने एमबी इंटर कालेज से रामलीला मैदान तक पदयात्रा निकाल सभा की थी। पलटवार करने के लिए भाजपा ने भी सोमवार को रामलीला मैदान में सभा का आयोजन किया। सभा का समय था दोपहर साढ़े तीन बजे। शाम चार बजे रामलीला मैदान में लगभग 50 लोग थे। लगभग 04.30 बजे मजहर नईम नवाब लगभग सौ समर्थकों के साथ, 04.40 पर महेंद्र नागर सौ समर्थकों के साथ और 05.00 बजे दिनेश रंधावा एवं दिनेश साहू लगभग सौ समर्थकों के साथ दाखिल हुए।
उनके पहुंचने के बाद पंडाल में कुछ भीड़ नजर आई। इससे पहले जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, हेमंत द्विवेदी, प्रवक्ता डा. अनिल डब्बू, पूर्व मंत्री प्रकाश पंत, मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला सभी हाथ जोड़कर बिना समर्थकों के रैली में पहुंच गए। भाजपा प्रवक्ता डा. अनिल डब्बू तो दो दिनों से दावा कर रहे थे कि दस हजार लोग सभा में पहुंचेेंगे। रामलीला मैदान में पंडाल का नजारा देख भाजपा के बड़े नेता बगलें झांक रहे थे और एक-दूसरे से संख्या का हिसाब पूछने में लगे थे।
माना जा रहा है कि भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी के चलते ही बड़े नेता बिना समर्थकों के पहुंचे। भाजपा के दिग्गज सांसद भगत सिंह कोश्यारी और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट एक गाड़ी में थे। उनके पीछे विधायक काशीपुर हरभजन सिंह चीमा की गाड़ी थी। बड़ी और शानदार गाड़ियों की संख्या तो 18 थी मगर उसमें लोग मुश्किल से 20 थे। दोनों बड़े नेताओं के पहुंचने पर पंडाल में मौजूद यूथ ब्रिगेड उनका स्वागत करने पहुंची तो भीड़ ठीक लग रही थी। अगर यूथ ब्रिगेड न गई होती तो दोनों दिग्गजों के साथ कितने लोग होते ये आप स्वयं समझ सकते हैं।