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Kumaon University Convocation: कुमाऊं विवि का दीक्षांत समारोह बेटियों के नाम रहा, 78.5% पदकों पर जमाया कब्जा

Wed, 05 Nov 2025 12:05 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल कुमाऊं विश्वविद्यालय का 20वां दीक्षांत समारोह में बेटियों की चमक सब पर भारी रही। कुल 89 में से 69 पदक बेटियों के नाम रहे।
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पदक के साथ छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नैनीताल कुमाऊं विश्वविद्यालय का 20वां दीक्षांत समारोह बेटियों के नाम रहा। समारोह में बांटे गए कुल 89 में से 69 (78.5%) पदक बेटियों के नाम रहे। इनमें से कुछ को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया जबकि शेष को बाद में कुलपति के हाथों पदक दिए गए। 2022 में के दीक्षांत समारोह में 90 फीसदी और बीते वर्ष 91 फीसदी मेडल बेटियों ने जीते। इस बार लड़कों का ग्राफ बढ़ा लेकिन करीब साढ़े 12 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंकों के गणित में बेटियों ने बाजी मारी।

बता दें कि विवि में होने वाला दीक्षांत समारोह हर किसी के लिए गर्वित करने वाला क्षण रहता है। इस बार कुलपति प्रो.दीवान सिंह रावत व विवि प्रशासन के प्रयासों से विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति समारोह की मुख्य अतिथि बनी। एएन सिंह सभागार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 18 मेधावियों को सम्मानित किया। समय की बाध्यता से सभी मेधावियों को उनके हाथों पदक नहीं बांटे जा सके। मेधावियों का कहना है कि राष्ट्रपति का आशीर्वाद, संबोधन में की गई विकसित राष्ट्र की अपील में वह सार्थक भूमिका निभाएंगे। इस बार कुल 16,183 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधि और 250 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. पुष्कर दुबे, डॉ. शशि पांडे व डॉ. जितेंद्र लोहनी को डीलिट की उपाधि दी गई।

पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी

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न्यायिक अधिकारी बनना चाहती है आयुषीबीए-एलएलबी में सर्वश्रेष्ठ अंक हासिल करने वाली आयुषी गुप्ता ने कहा कि वह न्यायिक अधिकारी बनाना चाहती है। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बताया उनके पिता धमेंद्र गुप्ता व्यवसायी जबकि माता नीतू गुप्ता गृहिणी है। माता पिता का शुरू से ही सपना रहा है कि वह न्यायिक सेवा में जाएं। आयुषी का कहना है कि न्यायपालिका का लोकतंत्र की स्थापना में अहम स्थान है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करिअर बनाएंगे साक्षी
साक्षी ने बताया कि वह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है। बीए में सर्वश्रेष्ठ अंक होने के कारण उन्हें स्वर्ण पदक मिला। अब वह पीएचडी करेंगी। उनकी इच्छा है कि ऐसे विषय पर शोध करें जिसका लाभ समाज को मिले। शोध का मूल उद्देश्य यहीं होना चाहिए। पूर्व में किए गए विभिन्न शोधों के परिणाम से ही हमारे आज का निर्माण हुआ है। इसी निर्माण से समाज उन्नति कर रहा है।

अपने शोध से कृषि में क्रांति लाएंगे कनक

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कनक शर्मा कहती है कि वह एग्रीकल्चर से पीएचडी करेंगी। कहा कि हम किताबों में पढ़ते रहे हैं भारत कृषि प्रधान देश रहा है लेकिन अत्याधुनिक कृषि ने काश्तकारी के स्वरूप को भी बदल दिया है। भारत में भी अत्याधुनिक कृषि पर शोध हो रहे हैं लेकिन देश भर में कृषि के शोध को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिससे जन संख्या के अनुरूप हम खाद्यान्न उगा सकें।

किताबों से जुड़े रहना है अंजली का सपना
अंजली रौतेला को एमए में स्वर्ण पदक मिला है। उन्होंने कहा कि वह शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देना चाहती हैं। अंजलि का कहना है कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज की दिशा तय होती है। अच्छे शिक्षण के माध्यम से ही कल के भविष्य का निर्माण होता है। वह पीएचडी के बाद प्राध्यापक के रूप में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं जिससे जीवन भर किताबों से जुड़ीं रह सकें।

खुशी की खुशी का ठिकाना नहीं
खुशी देवल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुलपति और गौरादेवी स्वर्ण पदक दिए। रुद्रपुर निवासी खुशी ने बताया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहीं हैं। वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। वह देश भर में आईएएस की कार्यशैली के बार में पढ़ती हैं। कहती हैं कि प्रतिकूल हालात में पढ़कर उच्च पदों पर पहुंचने वालों से हमें सीख मिलती है और इरादे मजबूत होते हैं। 

मीतू की पदकों की हैट्रिक
चाणक्य लॉ कॉलेज की मीतू गोयल को एलएलबी में तीन स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। राष्ट्रपति ने उन्हें कुलपति स्वर्ण पदक, गौरा देवी व ठाकुर इंदर सिंह नयाल स्वर्ण पदक से नवाजा। मीतू ने कहा कि लोकतंत्र में स्थापित न्याय व्यवस्था में सभी को न्याय का अधिकार है। वह वकालत कर समाज के गरीब तबके के लोगों की मदद करेंगी। ।

पीएचडी करना चाहती हैं हिमानी
हिमानी ने बताया कि उन्हें कुलपति स्वर्ण पदक व सीतारमन जिंदल स्वर्ण पदक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से दिया गया। उन्होंने इसका श्रेय अपने माता-पिता को दिया। कहा वह आगे पीएचडी करना चाहती है। उनका कहना है कि उनका प्रयास रहेगा कि वह समाज के लिए उपयोगी शोध कर सकें।

 

अपर्णा के खाते में आए तीन मेडल
अपर्णा जोशी ने बताया उन्हें राष्ट्रपति से तीन स्वर्ण पदक दिए गए। कहा कुलपति स्वर्ण पदक के अलावा गौरा देवी व कमला देवी स्वर्ण पदक उन्हें प्राप्त हुए है। वह भविष्य में शिक्षक बनना चाहती है। अपर्णा का कहना है कि शिक्षा को व्यवसाय कतई नहीं समझना चाहिए।

शोध से समाज को नई दिशा देना चाहती हैं हर्षिता
हर्षिता सक्सेना को राष्ट्रपति की ओर से दो स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। कुलपति स्वर्ण पदक व गंगा बिष्ट स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित सक्सेना ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना चाहती है। हर्षिता भी बेहतर शोध के माध्यम से समाज के विकास के लिए नई दिशा देने की इच्छा रखती हैं। उनके परिजनों को उनसे काफी उम्मीद है।

इस बार समारोह में हुए बदलाव... कुमाऊं विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने से इस बार कई बदलाव नजर आए। कार्यक्रम से एक घंटे पहले प्राध्यापकों की शोभायात्रा निकाली गई जबकि राष्ट्रपति के आने के बाद निकाली गई शोभायात्रा में सिर्फ राज्यपाल गुरमीत सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति प्रो. डीएस रावत, कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, डीन और ईसी के सदस्य शामिल रहे।

भाषण की समय तय... इस बार दीक्षांत समारोह में सभी के भाषण की सीमा तय की गई थी। कुलपति का पूर्व के दीक्षांत समारोह में करीब आधे घंटा का समय तय होता था लेकिन इस बार वह मात्र पांच मिनट ही बोले। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) पांच मिनट और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत करीब तीन मिनट बोले।

परिजनों ने ऑनलाइन देखा समारोह... इस बार परिजनों की एंट्री में प्रतिबंध लगाया गया था। ऐसे में सोशल मीडिया यू ट्यूब के माध्यम से मेधावियों के परिजनों ने अपने बच्चों को पदक प्राप्त करते हुए देखा। देर शाम तक दस हजार से अधिक लोगों ने यू ट्यूब के माध्यम से समारोह को देखा।

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