रुद्रपुर। भाजपा संगठन ने 13 में से दस जिलों में जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। लेकिन तीन जिलों में यूएसनगर भी शामिल है, जहां जिलाध्यक्ष का नाम फाइनल नहीं हो सका है। वर्तमान जिलाध्यक्ष और विधायक के बीच काफी हद तक सार्वजनिक रूप से बढ़ चुकी रार भी इसकी वजह बताई जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन इस बार जिले की कमान नए हाथों में कमान दे सकता है।
यूएसनगर में भाजपा के 26 मंडल हैं। इनमें से 23 मंडलों में अध्यक्ष बन चुके हैं जबकि रुद्रपुर उत्तर, दक्षिण और किच्छा ग्रामीण में मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति रुकी हुई है। सियासत की नजर से यह जिला पार्टी संगठन के लिए बहुत अहम है। इसके चलते जिले की कमान सौंपने में पार्टी को काफी मंथन करना पड़ रहा है। बीते पांच दिसंबर को हुई रायशुमारी में वर्तमान जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, अनिल चौहान, भारत भूषण चुघ, मनोज पाल, विवेक सक्सेना, दिनेेश भाटिया, रविंद्र बजाज, राम महरोत्रा और कमलेंद्र सेमवाल ने दावेदारी जताई थी। भाजपा में जिलाध्यक्ष के लिए जबर्दस्त लॉबिंग होने के साथ ही जिलाध्यक्ष शिव अरोरा और विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच सियासी मनमुटाव सार्वजनिक हो गया था। करीब डेढ़ साल पुराने मामले की ऑडियो वायरल होने पर विधायक ने जिलाध्यक्ष की घेराबंदी कर दी थी। सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक चर्चाओं में शिव, अनिल और भारत के नाम थे।
विधायकों ने भी अपने पसंदीदा को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए मजबूती से पक्ष रखा था लेकिन झगड़े का असर जिलाध्यक्ष के चयन पर भी पड़ा है। इन्हीं वजहों से जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की गई है। अब हालिया बदली परिस्थितियों में जिले की कमान नए हाथों को सौंपने की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसमें जातिगत समीकरणों का भी आंकलन किया जा रहा है और नया नाम चौंका भी सकता है। हालांकि कईं दावेदार देहरादून में डेरा जमाए हुए हैं। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर नए जिलाध्यक्ष और तीन रुके मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो जाएगी।