सिंथिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने आसाराम से लेकर आतंकी कसाब को क्यों छूट दी गई समेत कई सवाल उठाए। कोतवाल आरएस मेहता ने सभी छात्रों के सवालों के जवाब बेहद शालीनतापूर्वक दिए। बताया कि कानून के मुताबिक गलत कार्य करने पर कसाब को फांसी दी गई। आसाराम जेल में सामान्य कैदियों की तरह सजा भुगत रहे हैं।
मुख्य अतिथि कोतवाल ने स्कूल में गुरुवार को छात्र-छात्राओं को बताया कि सही बात कहने के लिए न तो घर में डरना चाहिए और न ही बाहर। पुलिस के सामने यदि कोई सच बोलेगा तो असली अपराधी को सजा जरूर मिलेगी। पुलिस के सामने सच बोलने से डरना नहीं चाहिए। पुलिस का कार्य कानून और नियम का पालन कराना है। सजा अदालत देती है। एक छात्रा ने सवाल पूछा कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, इसका क्या मतलब होता है। कोतवाल ने कहा कि कोई चाहे कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति हो। कानून के शिकंजे में आने पर उसे अपनी गलती की सजा भुगतनी ही पड़ती है। छात्रों को सड़क पर चलने के नियमों की भी जानकारी होनी चाहिए। गलती करने पर जैसे मां-बाप डांटते हैं, वैसे ही पुलिस कानून तोड़ने पर कार्रवाई करती है।
मुख्य अतिथि कोतवाल ने दीप जलाकर कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य प्रवींद्र सिंह रौतेला ने कहा कि आम जनता को पुलिस से काफी अपेक्षाएं रहती हैं, लेकिन इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। शिखा पांडेय, मनीष सनवाल, संचिता, मुन्तहा, सृष्टि भट्ट, सोनी शर्मा, यशस्वी, मनीषा सनवाल, कृतिका जोशी ने भी सवाल पूछे। अंत में अकादमी कोआर्डिनेटर बीबी जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर बीएस बजेठा, ऋषा कर्नाटक, बीसी सती, एलएम तिवारी, ममता लोहनी, पिंकी जोशी, आईडी जोशी, नीमा पालीवाल आदि शिक्षक मौजूद थे। संचालन त्रिभुवन जोशी ने किया।