हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के नौ चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को गन्ने का भुगतान न करने के मामले में सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बाजपुर निवासी जगतार सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था गन्ना किसानों की ओर से उत्तराखंड की लगभग नौ चीनी मिलों की गन्ने की सप्लाई की गई थी।
लेकिन डेढ़ साल से गन्ना किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सरकार की ओर से वर्ष 2014 में एक शासनादेश जारी किया था।
जिसमें यह प्रावधान है कि गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर गन्ने के समस्त भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन भुगतान नहीं किया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 4 नवंबर की तिथि नियत करते हुए सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।