सरकार की व्यवस्था के तहत बृहस्पतिवार रात 12 बजे तक सभी एटीएम में रुपए जमा हो जाने चाहिए थे। यह जानकारी हर ग्राहक को थी, लेकिन एटीएम पूरे दिन नहीं चले। इससे ग्राहकों को खासी मायूसी हुई। लोग बैंक प्रबंधन को कोसते रहे और वहीं केंद्र सरकार की भी खूब किरकिरी हुई।
अपराह्न करीब तीन बजे तक सभी एटीएम बंद थे। तीन बजे के बाद एसबीआई नगर शाखा, एसबीआई कालूसिद्ध मंदिर, महर्षि स्कूल के पास के अलावा देर शाम शहर के चुनिंदा एटीएम ही काम कर पाए। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली तो एटीएम के बाहर लाइन लग गई।
एटीएम के देर से खुलने की यह थी वजह
एटीएम शुरू नहीं होने के संबंध में पूछे जाने पर एसबीआई देवलचौड़ शाखा के प्रबंधक विजय प्रसाद ने बताया कि सभी एटीएम में एक हजार, पांच सौ और सौ रुपए वाला साफ्टवेयर पड़ा हुआ था। इसे रिफ्रेश करने के बाद एटीएम को जीरो पर लाना था और उसके बाद उसमें 50 और सौ रुपए के नोट डाले जाने थे।
उसके लिए भी अलग साफ्टवेयर बनाया जाना था। यह प्रक्रिया पूरी रात चली, जिसकी वजह से एटीएम शुरू कराने में विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि देर शाम को कुछ एटीएम चल गए, गनीमत रही। सेंट्रल कमांड बहुत देर से मिली। इसकी वजह से एटीएम संचालन में गड़बड़ी हुई।
अभी और आएगी दिक्कत, दो हजार के नोट का नहीं बना बॉक्स
एटीएम की लेटलतीफी के संबंध में पूछे जाने पर जिला लीड बैंक अधिकारी डीके जायसवाल ने बताया कि सौ, पचास, पांच सौ, हजार, दो हजार के नोट का साइज अलग-अलग है। सभी के हिसाब से एटीएम मशीन में अलग-अलग बॉक्स बने हैं।
अब जब इन्हें जीरो करके सौ और पचास रुपए के बॉक्स फिट कर दिए गए हैं तो फिलहाल इन्हें चालू कर दिया गया है। लेकिन, दो हजार रुपए के नोट का साइज अलग है। उसके लिए अलग बॉक्स बनाए जा रहे हैं। कुछ बैंकों ने एटीएम में दो हजार के बॉक्स बना दिए हैं।
कुछ बना रहे हैं। यह साइज ठीक से काम करेगा या नहीं, इसे भी चेक किया जाना है। हालांकि इसमें काफी सावधानी पूर्वक काम हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार तक दो हजार के नोट बैंकों में पहुंच जाएंगे।