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कथित लापरवाही से पैदा हुआ मृत शिशु, हंगामा

Tue, 28 Jul 2015 01:46 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, रामनगर।
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संयुक्त चिकित्सालय में नर्स की कथित लापरवाही से मृत शिशु पैदा होने से गुस्साए भाजपाइयों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा।
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कार्यकर्ताओं ने सीएमएस का घेराव कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

भवानीगंज निवासी और भाजपा कार्यकर्ता रामभरोसे लाल की पत्नी ब्रजेश गर्भवती थी। रविवार की रात उसे प्रसव पीड़ा होने पर रामभरोसे उसे लेकर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचा।
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आरोप है कि अस्पताल में रात्रि ड्यूटी में तैनात महिला चिकित्सक को उसके कहने के बाद भी नर्स राजेश्वरी ने मौके पर नहीं बुलाया और उसकी पत्नी को एक बार ही लेवर रूम में ले गई, लेकिन उसकी पत्नी को आराम नहीं मिला।

 रामभरोसे ने नर्स से पत्नी का स्वास्थ्य परीक्षण चिकित्सक से कराने अनुरोध किया, लेकिन नर्स ने उनकी बात नहीं सुनी। आखिरकार नर्स की लापरवाही के चलते उनकी पत्नी ने अस्पताल के बेड पर ही एक मृत शिशु को जन्म दिया।

 भाजपा नेता का आरोप है कि नर्स ने इसके बावजूद मौके पर डाक्टर को न बुलाकर उल्टा पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता की।

मामले की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक दीवान सिंह बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष भगीरथलाल चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों भाजपाई अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करते हुए नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन करने वालों में नगर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष राकेश नैनवाल, हरीश दफोटी, नरेंद्र शर्मा, मदन जोशी, पूरन नैनवाल, सुरेश घुघत्याल, मनमोहन सिंह बिष्ट, भावना भटट, रेवती सुंदरियाल, संजीव रस्तोगी, राजेंद्र मित्तल आदि थे।

भाजपाइयों का हंगामा बढ़ता देख जब सीएमएस ने नर्स को अपने ऑफिस में बुलाया तो नर्स उन पर ही भड़क गई। नर्स का आरोप था कि महिला चिकित्सक को कॉल करने के बाद भी वह अस्पताल नहीं आईं। साथ ही उसने कई और डाक्टरों पर भी गंभीर आरोप लगाए।
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 नर्स का आचरण देख भाजपाइयों का गुस्सा फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस दौरान नर्स और भाजपाइयों के बीच फिर तूतू-मैंमैं हो गई। सीएमएस एचएस खड़ायत ने मामले में स्टाफ को दोषी ठहराते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद भाजपाई शांत हुए।
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