नैनीताल। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आठ वर्ष पूर्व हल्द्वानी में साढ़े तीन किलो चरस के साथ गिरफ्तार आरोपी को 12 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
10 अक्तूबर 2013 को हल्द्वानी में एसओजी टीम ने ग्राम किरौला पाटी, लोहाघाट निवासी मुकेश जोशी को साढ़े तीन किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। दो दिन पहले 11 जनवरी को न्यायालय में हुई सुनवाई में आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दोष साबित हो गया था।
बृहस्पतिवार को न्यायालय में सजा को लेकर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूजा साह ने पैरवी की।
मादक पदार्थों से संबंधित अपराध चिंताजनक : न्यायाधीश
नैनीताल। बढ़ते नशे के प्रचलन और उससे समाज पर पड़ने वाले असर को न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने बेहद गंभीर और चिंताजनक माना है। चरस तस्करी मामले में सजा पर हुई सुनवाई के फैसले में कहा गया, जहां तक मादक पदार्थ से संबंधित अपराध की प्रकृति है, वह काफी चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुकी है। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्थिति का अपराध है। इसकी संपूर्ण विश्व में गतिविधि आपस में जुड़ी हुई है। इसके दुष्परिणाम से कोई भी व्यक्ति अनभिज्ञ नहीं है। जिस तरह से यह युवा वर्ग को प्रभावित कर रहा है उससे न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि देश के अंदर शांति व्यवस्था एवं स्वतंत्रता पर गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दंड के गंभीर प्रावधान हैं। इसके बाद भी अपराध की संख्या में कमी नहीं आ रही है और इन अपराधों को अत्यधिक तकनीकी माध्यम से किया जा रहा है। नशीले पदार्थ एवं दवाइयां गंभीर रूप से मानवाधिकार का अतिक्रमण कर रही हैं। ऐसी स्थिति में दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सहानुभूति प्रदान नहीं की जा सकती है।