हल्द्वानी। दीपावली के त्योहार के समय अंधविश्वास के चलते उल्लू और उनके अंगों की तस्करी की आशंका रहती है, ऐसे में वन मुख्यालय ने वन्यजीवों के शिकार को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव ने वनाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि उल्लुओं की विभिन्न प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत पूर्णत: संरक्षित हैं। ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कहा कि वन क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन और स्निफर डॉग का इस्तेमाल करें। ऐसे क्षेत्र जहां उल्लू ज्यादा पाए जाते हैं, वहां पर विशेष निगरानी रखें। अधिक ऊंचाई वाले गांवों के खाली होने के कारण गांवों का निरीक्षण अवश्य कर लें कि वहां कोई रुका तो नहीं है। सीमांत क्षेत्रों में स्थित वन प्रभागों के प्रभागीय वनाधिकारी संबंधित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों से भी समन्वय बनाए रखें और आवश्यकतानुसार सहयोग प्राप्त करें। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं प्रसन्न पात्रो का कहना है कि प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव का पत्र मिला है। सुरक्षा को लेकर विभाग जरूरी कदम उठा रहा है।