जिला सहकारी बैंक ने पहली बार जिले के काश्तकारों को स्थानीय सोसायटी के माध्यम से सुलभ और सस्ती दरों पर आलू का बीज उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसके तहत अब किसानों को कंपोनेंट आलू का बीज वितरित किया जाएगा। कई किसानों को आलू बीज वितरित भी किया गया है। आलू का यह बीज कुल्लू मनाली से मंगाया जा रहा है और यह बीज हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रमाणित है।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि पूर्व में उद्यान विभाग के माध्यम से काश्तकारों को आलू बीज का वितरण किया जाता था। इसके लिए किसानों को उद्यान विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। बाद में मंडी के माध्यम से किसानों को बीज वितरित किया जाने लगा।
लेकिन दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले काश्तकारों को ट्रांसपोर्टेशन आदि की वजह से बीज महंगा पड़ता था। कोआपरेटिव बैंक ने पहली बार सहकारी समितियों के सदस्यों और बीज की पहचान करने वाले एक्सपर्ट्स की टीम को हिमाचल भेजा। टीम वहां से आलू बीज की खरीद कर यहां पहुंच चुकी है।
काश्तकारों को नजदीकी सोसायटी के माध्यम से कंपोनेंट आलू, अदरक का बीज और खाद का वितरण किया जा रहा है। इससे किसानों का काफी हद तक राहत मिलने लगी है। उन्होंने बताया कि कोआपरेटिव में किसानों के हित में सुधार किए जाने के लिए एक टीम को गुजरात भी भेजा गया है।
जो वहां की कोआपरेटिव द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों का जायजा लेगी। उनके अनुभवों के आधार पर जिले में भी सहकारिता को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसानों के हित में फैसले लिए जाएंगे।