हल्द्वानी। टेंपो यूनियनों में किराए को लेकर घमासान मचा है और आरटीओ विभाग को मामले की भनक भी नहीं है। गुटबाजी में दो यूनियनों ने सप्ताह भर के भीतर दो अलग-अलग किराया सूची जारी कर दी।
22 जनवरी को 16 किमी परमिट ऑटो समिति ने नैनीताल, कालाढूंगी रोड पर टेंपो की नई किराया सूची जारी की थी, जिसके अनुसार दोनों रूटों पर किराए में बढ़ोत्तरी हुई। समिति के अनुसार उसने एक जनवरी से नई दरें जारी की थीं।
अब इसके ठीक छह दिन बाद मंगलवार को ग्रीन सिटी-क्लीन सिटी ऑटो चालक एवं मालिक कल्याण समिति ने अलग किराया सूची जारी कर दी है जिसमें नैनीताल और कालाढूंगी रोड पर कई स्थानों पर किराये में भिन्नता है। दोनों ही यूनियनों का कहना है उनकी दरें आरटीओ कार्यालय से प्रमाणित हैं, लेकिन आरटीओ की मानें तो उन्हें नई किराया सूची के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी यूनियन ने विभाग से इसकी संस्तुति ली है।
नियम भी अलग
16 किमी परमिट ऑटो समिति की किराया दर के अनुसार रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक यात्री को 25 प्रतिशत अतिरिक्त किराया वहन करना होगा। न्यूनतम किराया दर 10 रुपये होगी। जबकि ग्रीन सिटी- क्लीन सिटी आटो चालक एवं मालिक कल्याण समिति की किराया दर के अनुसार भी न्यूनतम किराया दर 10 रुपये होगी लेकिन एक से अधिक बच्चे पर किराया देय होगा। और रात 10 से सुबह पांच बजे तक 20 प्रतिशत अतिरिक्त किराया होगा।
टेंपो यूनियनों द्वारा नए रेट जारी करने का मामला संज्ञान में नहीं है। एआरटीओ से इसकी जांच करायी जाएगी। राज्य परिवहन प्राधिकरण(एसटीए) द्वारा किराया तय किया जाता है इससे अधिक किराया लेने पर टेंपो का परमिट और चालक का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
राजीव मेहरा, आरटीओ
आखिर कौन रोकेगा यूनियनों की मनमानी
दो टेंपो यूनियनों ने अलग-अलग किराया सूची जारी कर दी और किराया सूची जारी करने में दोनों ने परिवहन विभाग को नजरअंदाज कर दिया। अब ऐसे में सवाल यह है कि यूनियनों की इस मनमानी पर अंकुश कौन लगाएगा। जबकि एक ही रूट पर किराये की दो दरें होने से कहीं टेंपो चालक और यात्रियों में विवाद बढ़ने की संभावना है तो कहीं टेंपो चालकों के बीच भी रार बढ़ने की आशंका हैं।