नैनीताल। हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यींकरण के नाम पर सड़क किनारे मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों के आशियानों को बिना पूर्व सूचना के तोड़ने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकार को शपथपत्र के माध्यम से यह बताने के लिए कहा है कि उनके विस्थापन के लिए कौन-कौन सी जगह चिह्नित कीं हैं। कोर्ट ने इस संबंध में मय फोटाग्राफ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को होगी।
पूर्व में कोर्ट ने सरकार को उक्त लोगों को तत्काल आश्रय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे और आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हल्द्वानी निवासी आफताब आलम ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था प्रशासन ने जेसीबी मशीनों का प्रयोग कर बस्ती के निवासियों के घरों को ढहा दिया। उन्हें न तो अपनी आवश्यक वस्तुएं समेटने का अवसर दिया गया और ना ही कोई पूर्व नोटिस दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय की ओर से तय दिशा-निर्देशों के विपरीत है।