सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती ‘चैती’ को गोद लेने के लिए नवरात्र के पहले दिन कई देवियां पहुंचीं। रामनगर की एक एनजीओ की टीम भी मासूम बच्ची को अपनाने पहुंची। चैती अस्पताल में पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन नियमानुसार चैती को किसी भी दंपति को सीधे गोद नहीं दिया जा सकता है। उसे अल्मोड़ा स्थित शिशु सदन भेजा जाएगा। वहीं से गोद लेने की औपचारिकताएं पूरी कर चैती को किसी दंपति को सौंपा जाएगा।
चैती को 13 मार्च को सुशीला तिवारी अस्पताल में दो लोगों ने भर्ती कराया। काठगोदाम में वह झाड़ियों में मिली थी। एक दिन की चैती को अस्पताल में एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। वह पूरी तरह स्वस्थ है। अस्पताल की नर्सें चैती का मां की तरह ख्याल रख रही हैं। नवरात्र के पहले दिन शनिवार को चैती को गोद लेने के लिए कई दंपति अस्पताल पहुंचे। वह चैती की एक झलक पाने को बेताब दिखे। अस्पताल प्रशासन ने दंपतियों को बताया कि वे चैती को नहीं दे सकते हैं। इसके लिए पूरी तरह कानूनन प्रक्रिया अपनानी होगी।
रामनगर स्थित सोशल वेलफेयर कल्चर एंड एजूकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष सत्य प्रकाश भटनागर भी अपनी टीम के साथ चैती को अपनाने अस्पताल पहुंचे। सोसायटी ऐसे ही बच्चों का पालन-पोषण करती है। सोसायटी अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य डाक्टर कमरुद्दीन से मिले और चैती को गोद लेने की मंशा जाहिर की।