हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के बैनर तले कर्मचारियों ने वेतन की मांग के लिए हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो परिसर में धरना दिया। देहरादून में हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने मंगलवार को आरएम ऑफिस काठगोदाम में प्रदर्शन का एलान किया है। इधर कर्मचारियों के आंदोलन से जालंधर, नैनीताल आदि रूटों की बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
मोर्चे की ओर से सोमवार को रोडवेज कर्मचारियों ने हल्द्वानी बस स्टेशन पर प्रदर्शन कर धरना दिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि दो माह से वेतन नहीं दिया गया है। हर डिपो में अलग-अलग तिथि में भुगतान किया जा रहा है। डग्गामारी पर अंकुश न लगने से रोडवेज को घाटा हो रहा है और निगम प्रबंधन तंत्र पूरी तरह फेल है। धरने पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन, रोडवेज इंप्लॉइज यूनियन और एससी एसटी श्रमिक संघ ने हिस्सा लिया।
उन्होंने जल्द वेतन भुगतान नहीं करने पर बुधवार को सभी डिपो में कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। इस दौरान रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, शाखा अध्यक्ष जलील अहमद, इंप्लॉइज यूनियन के धर्मेंद्र बिष्ट, गोविंद बल्लभ जोशी, एससी-एसटी संघ के शाखा अध्यक्ष नवीन चंद, जीवन सिंह यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष आनंद बिष्ट, शाखा अध्यक्ष मनोज भट्ट, शशिकांत गौतम आदि मौजूद रहे।
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20 सितंबर तक आंदोलन स्थगित
हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारी एक सितंबर से हाथों पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार को धरना-प्रदर्शन के बाद आरएम पूजा जोशी की मध्यस्थता में हुई समझौता वार्ता में बताया गया कि जुलाई का वेतन जारी कर दिया गया है जबकि अगस्त के वेतन का भुगतान 10 सितंबर के बाद किया जाएगा। इस पर परिषद के पदाधिकारी मान गए और आंदोलन स्थगित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन न मिलने पर 21 सितंबर से पुन: आंदोलन किया जाएगा। वार्ता में परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष जगदीश कांडपाल, मंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, आन सिंह जीना, उमेश जोशी, श्याम सिंह शाही शामिल रहे।