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अब ऑनलाइन लें डाक्टर से परामर्श का समय 

Wed, 21 Jun 2017 11:28 PM IST
राजीव शुक्ला 
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डेमो - फोटो : demo pic
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सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को दिखाने या परामर्श लेने के लिए अब मरीजों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।  आनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ओआरएस) में पंजीकरण कराने के बाद आप डॉक्टर को दिखाने एवं परामर्श कराने के लिए समय ले सकेंगे। साथ ही ब्लड बैंकों में खून की उपलब्धता और मरीजों की जांच रिपोर्ट समेत डायग्नोस्टिक तक की जानकारी इस पर मिल सकेगी। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजीटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जिला सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों को पेपरलेस बनाने की मुहिम का हिस्सा है। अस्पतालों को ई अस्पताल बनाने की दिशा में पहल की गई है।

राज्य के लगभग 48 सरकारी अस्पताल एवं मेडिकल कालेज इससे जुड़ेंगे। 25 अस्पतालों से इसकी शुरूआत की गई है। पंजीकरण कराने के साथ ही मरीज का एक ओटीपी नंबर बन जाएगा। राज्य के जिला सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों की सूची सामने होगी। मरीज या उसके तीमारदार को दिखाना चाहते हैं उसके लिए पंजीकरण करा सकेंगे।
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अस्पताल जाने के बाद उन्हें लाइन नहीं लगना पड़ेगा और कंप्यूटर पर नंबर डालते ही उनका पर्चा बाहर आ जाएगा और उनसे सरकारी शुल्क ले लिया जाएगा। पहले चरण में इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ब्लड बैंक को इससे जोड़ा जाएगा। एक क्लिक पर पता चलेगा कि प्रदेश के किस ब्लड बैंक में कितना खून उपलब्ध है और कौन-कौन से ब्लड ग्रुप हैं। मरीज के रक्त संबंधी जांच का विवरण भी आनलाइन ही पता चल जाएगा।

ये अस्पताल जुड़ें ओआरएस से

एम्स ऋषिकेश, बीडी पांडे महिला अस्पताल नैनीताल, बीडी पांडे पुरुष अस्प्ताल नैनीताल, सीएचसी बाजपुर, सीएचसी डोईवाला, सीएचसी गैरसैंण, सीएचसी जसपुर, सीएचसी जोशीमठ, सीएचसी कर्णप्रयाग, सीएचसी खटीमा, सीएचसी सितारगंज, सीएचसी विकासनगर, कंबाइंड अस्पताल प्रेमनगर देहरादून, कंबाइंड अस्पताल रामनगर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल देहरादून, जिला अस्पताल उत्तरकाशी, महिला अस्पताल हल्द्वानी, जवाहर लाल नेहरू जिला अस्पताल रुद्रपुर्र, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल काशीपुर, एलएसएनएस भंडारी स्मारक जिला अस्पताल गोपेश्वर चमोली, एमएस मेहता सीएचसी बैजनाथ बागेश्वर, एसबीबी पटेल सीएचसी किच्छा, सोबन सिंह जीन बेस अस्पताल हल्द्वानी, एसपीएस सरकारी अस्पताल ऋषिकेश, सेंट मैरी अस्पताल मसूरी। 

मेडिकल कालेजों को जोड़ने के संबंध में प्राचार्यों को पत्र लिखा गया है। राज्य के लगभग 48 अस्पतालों को इससे जोड़ा जाना है। इसके लिए एनएचएम, नेशनल इंफारमेंशन सेंटर एवं आईटी विभाग का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री जल्द ही इस पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। 
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डॉ. एलएम उप्रेती 
ओआरएस नोडल अधिकारी/निदेशक चिकित्सा-स्वास्थ्य 
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