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निलंबित अधिकारियों ने उच्चशिक्षामंत्री को दी फिर सफाई 

Tue, 20 Feb 2018 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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एमबीपीजी कालेज में मीमांशा आर्य को गलत दाखिला देने के मामले में निलंबित उच्चशिक्षा निदेशक डा. बीसी मेलकानी और प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद ने सोमवार को उच्चशिक्षामंत्री डा. धनसिंह रावत के समक्ष फिर अपनी सफाई दी। मंत्री ने दो टूक कहा कि गलत दाखिले के मामले की जांच शासन स्तर पर हो रही है, लेकिन किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उच्चशिक्षामंत्री ने यह भी कहा कि गलत ढंग से दाखिला लेकर छात्रसंघ चुनाव लड़ने की उन्हें कई शिकायतें मिली थीं, जिसकी उन्होंने जांच कराई।  

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 सर्किट हाउस में उच्चशिक्षामंत्री डा. धनसिंह रावत के ठहरने की जानकारी मिलने पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे उच्चशिक्षा से जुड़े कई अधिकारी पहुंच गए थे। मंत्री ने सभी को अलग से मिलने के लिए दो - दो मिनट का वक्त दिया था। निलंबित उच्चशिक्षा निदेशक डा. बीसी मेलकानी ने उच्चशिक्षामंत्री के समक्ष आज फिर वही बात दोहराई कि मीमांशा आर्य के दाखिले के आवेदन फार्म में उनके हस्ताक्षर फर्जी थे। डा. मेलकानी का पक्ष सुनने के बाद मंत्री डा. रावत ने उनसे कहा कि वह तो उम्र में उनके पिता तुल्य है उनके साथ कुछ गलत नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने डा. मेलकानी को अपने साथ बैठाकर चाय भी पिलाई। इसके बाद एमबी कालेज के निलंबित प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद ने मंत्री को बताया कि मीमांशा का दाखिला निरस्त न करने का फैसला कालेज के पूरे स्टाफ का था क्योंकि ऐसा होने पर बवाल होने की आशंका प्रशासन की ओर से जताई गई थी। निलंबित प्राचार्य ने बताया कि कर्णप्रयाग कॉलेज में ज्वाइन कर उन्होंने शासन के आदेश का पालन कर दिया है। इसके अलावा उच्चशिक्षामंत्री ने उपनिदेशक डा. केके पांडे, सहायक निदेशक डा. अनुराग अग्रवाल से भी योजनाओं के बारे में बातचीत की। इसके अतिरिक्त प्रभारी उच्चशिक्षा निदेशक डा. सविता मोहन के साथ भी मंत्री ने शाम को सर्किट हाउस में बैठक की। 
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