फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यावरणविद डा. अजय रावत ने जताई नैनीझील में लीकेज की आशंका

Wed, 27 Apr 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
विज्ञापन
नैनीताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नैनीताल। नैनीझील में अंग्रेजों के जमाने से बने डांठ (स्कैब गेट) से बलियानाला की ओर से पानी की निकासी नहीं हो रही है, बावजूद इसके बलियानाला में वीरभट्टी स्थित पुल के समीप इस कदर पानी बह रहा है मानो नाले के आसपास कोई प्राकृतिक स्रोत फूट गया हो। लेकिन आसपास के क्षेत्र में कहीं कोई प्राकृतिक जलस्रोत भी नहीं फूटा है। तो फिर आखिर जब चारों ओर सूखे की स्थिति है ऐसे में बलियानाले में इतना पानी कहां से आ रहा है! कहीं ऐसा तो नहीं कि नैनीझील में कोई लीकेज हो और इसी लीकेज से झील का पानी बलियानाला तक पहुंच रहा हो और झील तेजी से सूख रही हो।
विज्ञापन


बताते चलें कि हर साल गर्मियों में नैनीझील का जलस्तर घटता था, लेकिन जिस तेजी से जलस्तर इस बार घट रहा है उसे लेकर न केवल पर्यावरणविद बल्कि पर्यटन व्यवसायी भी परेशान हैं। यही नहीं यहां पहुंचने वाले सैलानी भी झील के इस स्वरूप को देख दंग हैं। अब तक तो झील का जलस्तर कम होने का कारण सरोवर नगरी की बढ़ती जनसंख्या, लोगों को होने वाली पेयजल आपूर्ति और झील के कैचमेंट एरिया में हुए बेतरतीब निर्माण कार्यों को माना जा रहा था, लेकिन मंगलवार को बलियानाला में जो दिखा वह प्रकृति और पर्यावरण प्रेमियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

आमतौर पर बलियानाले में पानी तब अधिक होता है जब झील से लगे डांठ (स्कैब गेट) को खोला जाता है, लेकिन इस समय झील का जलस्तर इतना कम हो गया है कि स्कैब गेट खोल भी दें तो बलियानाला की ओर एक बूंद पानी का रिसाव न हो। लेकिन बलियानाले में एक स्थान ऐसा है जहां खूब पानी बह रहा है। सूचना मिलने पर मंगलवार को पर्यावरणविद डा. अजय रावत मौके पर पहुंचे तो यह देख दंग रह गए कि आखिर नाले में दो इंच से भी अधिक पानी बह रहा है जो आगे जाकर एकत्र हो रहा है।
विज्ञापन


डा. रावत ने बताया कि उक्त पानी वीरभट्टी स्थित पुल से लगभग एक किलोमीटर ऊपर की ओर से बहकर आ रहा है। वह बताते हैं कि ऐसा पानी तभी नजर आता है जबकि बरसात में कोई प्राकृतिक स्रोत रिचार्ज होने के बाद खुलता है। डा. रावत बताते हैं कि उन्होंने आसपास क्षेत्र में प्राकृतिक स्रोत की खोज की, लेकिन मौके पर कहीं कोई स्रोत नहीं मिला। 

ऐसे में डा. रावत ने आशंका व्यक्त की है कि कहीं नैनीझील में कोई लीकेज न हो गया हो जिसका पानी झील के भीतर से रिसकर बलियानाले तक पहुंच रहा हो। डा. रावत कहते हैं कि यदि ऐसा है तो यह नैनीझील के साथ-साथ सरोवर नगरी के लिए गंभीर विषय है। जिला प्रशासन को इसकी जांच करानी चाहिए ताकि वस्तुस्थिति पता लगाई जा सके और यदि लीकेज मिले तो नैनीझील को बचाने के प्रयास हो सकें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें