इन दिनों नैनीताल में दिन में गर्मी महसूस होने लगी है। दिन में तेज धूप इन दिनों वन्य जीवों को सता रही है। इसके चलते जू प्रबंधन वन्य जीवों को गर्मी से बचाने के उपाय में जुटा हुआ है।
अप्रैल गर्मी शुरू होते ही वन्यजीवों के खानपान में बदलाव किए गए हैं। धूप से बचाने के लिए बाड़ों में में ग्रीन नेट भी लगाई गई है। नहाने के लिए बाड़ों में बने तालाबों को भी पानी से भरा गया है।
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इन दिनों नैनीताल में दिन में गर्मी महसूस होने लगी है। दिन में तेज धूप इन दिनों वन्य जीवों को सता रही है। इसके चलते जू प्रबंधन वन्य जीवों को गर्मी से बचाने के उपाय में जुटा हुआ है। प्रबंधन की ओर से जाड़े में भालू को दिया जा रहा अतिरिक्त शहद और गुड़ बंद कर दिया है। कैट फैमिली के जानवरों को दिए जाने वाले प्रोटीन युक्त मांस की मात्रा भी कम कर दी गई है।
उद्यान के पक्षियों को अतिरिक्त अंडे भी नहीं दिए जा रहे हैं। वहीं धूप से बचाने के लिए बाड़ों के ऊपर ग्रीन नेट डाली गई है। रेड पांडा के बाड़े में गर्मी कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उद्यान के डॉ. हिमांशु पांगती ने बताया कि मौसम बदलाव के समय वन्यजीवों के खान पान में बदलाव किया जाता है। जाड़े में वन्य जीवों को प्रोटीन के साथ डाइट बढ़ाई गई थी।
अतिरिक्त डाइट गर्मी में कम कर दी गई है। रेड पांडा नमी में रहने वाला वन्यजीव है। उसे धूप से बचाने के लिए बाड़ों में ग्रीन नेट लगाकर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। बाघ और भालू को गर्मी से राहत देने के लिए उनके बाड़ों में बने तालाब को पानी से भर दिया गया है।