नैनीताल। नैनीझील को पानी देने वाली सूखाताल झील प्रकृति की नेमत बरसने से फिर पानी से लबालब हो गई है। अब झील के पानी को शुद्ध रखने के लिए यहां कृत्रिम आक्सीजन की व्यवस्था की गई है। इससे मछलियों को जीवन मिलने के साथ ही पानी भी शुद्ध रहेगा। इसके साथ ही नया पर्यटक स्थल भी विकसित होगा।
नगर पर शोध करने वाले स्व. प्रो.जीएल साह ने अपनी पुस्तक नैनीताल समय का कैलिडोस्कोप में लिखा है कि नैनीझील को प्राकृतिक जलस्रोत से मिलने वाले पानी में सूखाताल का 42.8 फीसदी योगदान है। बीते दशकों में बसासत के चलते झील का अस्तित्व समाप्त होने लगा। प्रो.अजय रावत की पीआईएल के क्रम में हाईकोर्ट के निर्देश पर इसे खूबसूरत पर्यटक स्थल बनाने की पहल शुरू हुई। वर्ष 2021 से यहां 29 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे कार्य से झील, नैनीताल-बारापत्थर मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप से सूखाताल के लिए लिफ्ट, पाथवे, दुकाने, शौचालय आदि बनाए जा चुके हैं। इस वर्ष लगातार हो रही बारिश से सूखाताल झील भी पुनर्जीवित हो गई है जो इन दिनों आकर्षण बनी हुई है।
फ्लोमीटर और छह डिस्क स्थापित
सूखाताल में एयरेशन स्थापित करने वाली ग्लोबल एक्वा के प्रोजेक्ट मैनेजर आनंद कोरंगा ने बताया कि सूखाताल में एक फ्लोमीटर तथा छह डिस्क लगाई जा चुकी हैं। शीघ्र ही विभागीय अधिकारियों के समक्ष इसकी टेस्टिंग की जाएगी। प्राधिकरण आदि की ओर से अनुमति के बाद इसे सुचारु कर दिया जाएगा।
जिला विकास प्राधिकरण के माध्यम से हुए बांड के क्रम में केएमवीएन की ओर से झील के सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन्हीं कार्यों में एयरेशन का कार्य भी शामिल है जो पूर्ण हो चुका है। शीघ्र ही सूखाताल सौंदर्यीकृत क्षेत्र को डीडीए को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
विनीत तोमर, एमडी, केएमवीएन