बारिश से सूखाताल डूब क्षेत्र में लगातार जलभराव हो रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम दीपक रावत की ओर से पंप से पानी न निकले जाने के निर्देश से डूब क्षेत्र के निवासी डरे हैं। वहीं, डूब क्षेत्र के 29 परिवारों को नोटिस देने के बाद संबंधित लोग भी इस पशोपेश में हैं कि जाएं तो जाएं कहां।
बता दें कि बारिश के चलते सूखाताल डूब क्षेत्र में अक्सर पानी भर जाता है। हालांकि लगभग प्रतिवर्ष जल भराव पर क्षेत्र में मोटर लगाकर पानी की निकासी की जाती रही है। वर्ष 2010, 2013 में क्षेत्र में काफी पानी भर गया था। चार से पांच मोटर लगाकर डूब क्षेत्र से पानी निकालकर आवासीय क्षेत्र का बचाव किया गया था।
इधर बीते वर्ष से हाईकोर्ट ने झील के पुनर्स्थापन की कवायद शुरू की। रुड़की विशेषज्ञों की ओर से झील के पूर्व स्वरूप की पड़ताल की जा रही है। वहीं, शनिवार को डीएम ने डूब क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जहां डूब क्षेत्र के 29 परिवारों को नोटिस दिए। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह किसी भी तरह पंप से निकासी न करें। प्रशासन की इस पहल से क्षेत्रवासी डरे हुए हैं। नोटिस प्राप्त करने वाले परिवार इस चिंता में हैं कि वह जाएं तो जाएं कहां?