पतलोट (नैनीताल)। जिले के सबसे दूरस्थ विकासखंड ओखलकांडा के पतलोट में खोले गए राजकीय महाविद्यालय में अब तक एमए की कक्षाएं नहीं होने के चलते विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को एमए की पढ़ाई के लिए 100 किमी दूर हल्द्वानी के कॉलेजों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों की ओर से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, कैबिनेट मंत्री और सांसद के साथ उच्च शिक्षा के अधिकारियों से मांग की जा चुकी है। इसके बाद भी एमए की रेगुलर कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
बीए में भूगोल और संस्कृत विषय नहीं होने के चलते भी विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पतलोट महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष हेमा बिष्ट ने बताया कि कई वर्षों की मांग के बाद महाविद्यालय का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक एमए की रेगुलर कक्षाएं नहीं शुरू हो पाई हैं। बीए में सभी विषयों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते विद्यार्थियों को हल्द्वानी में कमरा लेकर पढ़ाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार को विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उक्त मांगों को पूरा करना चाहिए। छात्रा उपाध्यक्ष दीपा बर्गली ने बताया कि एमए की कक्षाएं शुरू नहीं होने से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।