कालाढूंगी। कोटाबाग के थपलियागांजा वन पंचायत सरपंच के बेटे ने बुधवार सुबह जहरीला पदार्थ गटक लिया। परिजन उसे सीएचसी कोटाबाग लाए। वहां से उसे एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने कोतवाली कालाढूंगी में एंबुलेंस में शव रख प्रदर्शन किया। सरपंच पिता ने कोटाबाग के एक युवक पर बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस मामले में ऑनलाइन गेमिंग की लत की बात कह रही है।
जगदीश बिष्ट (17) पुत्र धन सिंह बिष्ट कोटाबाग पॉलिटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में प्रथम वर्ष का छात्र था। बुधवार सुबह करीब सात बजे जगदीश ने अचानक घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। मामले का पता चलते ही परिवार के होश उड़ गए। जगदीश की बचाओ-बचाओ की आवाज सुनकर परिजन उसकी ओर दौड़े। पिता धन सिंह घर से 10 किमी दूर बेटे को सीएचसी कोटाबाग लाए। यहां उपचार के बाद आपात सेवा 108 से जगदीश को एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जगदीश के शव के साथ परिजन कोतवाली कालाढूंगी पहुंच गए। शव को एंबुलेंस में रखकर उन्होंने कोतवाली में प्रदर्शन किया। पिता धन सिंह ने एक युवक के खिलाफ नामजद तहरीर सौंपी है। युवक की गिरफ्तारी के बाद ही शव को कोतवाली से उठाने की जद पर अड़े परिजनों को पुलिस ने बमुश्किल समझाया। मामले में कठोर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शव घर ले गए। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मामले में तहरीर मिल चुकी है। मामले की जांच की जा रही है।
मौत से पहले उधार लिए पैसे गेम में हारने की बात
जहर खाकर तड़प रहे जगदीश ने मौत से पहले एक युवक पर रुपये मांगने के लिए दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मरने से पहले उसने एक युवक का नाम लेते हुए कहा कि उसने युवक से तीन हजार रुपये उधार लिए थे जो वह गेम में हार गया था, उसने जुए और सट्टे का भी जिक्र किया। मौत से पहले दिए इन बयानों की पिता ने वीडियो बनाई है। वायरल वीडियो में मृतक जगदीश बिष्ट एक अभय गुप्ता नामक युवक का नाम लेते हुए कह रहा है कि युवक से उसने तीन हजार रुपये उधार लिए थे। क्षेत्र निवासी अभय गुप्ता बार-बार पैसे मांग रहा था जिस कारण वह परेशान था। मृतक ने वायरल वीडियो में अभय गुप्ता पर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। वहीं मामले में अभय वीडियो के माध्यम से बयान जारी करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। कहा कि दोस्त होने के नाते उसे ऑनलाइन माध्यम से तीन हजार रुपये दिए थे। 25 तारीख को पैसे लौटाने की बात हुई थी। पैसे मांगने के लिए उसने फोन जरूर किया था लेकिन किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। ई-साक्ष्य के माध्यम से घटनास्थल का निरीक्षण एवं अन्य कार्रवाई की जा रही है। परिवार व अन्य लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। ऑनलाइन गेमिंग और पैसे के लेनदेन की बात सामने आ रही है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
मंजुनाथ टीसी, एसएसपी नैनीताल