डीएसबी परिसर में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के दिग्विजय मेहरा ने एबीवीपी के मोहित रौतेला को हराकर चुनाव जीत लिया।
छात्रा उपाध्यक्ष पद पर करिश्मा जोशी, उपाध्यक्ष पद पर मदन मोहन अधिकारी, सचिव पद पर जितेंद्र सिंह बंगारी, संयुक्त सचिव पद पर भूपेंद्र कुमार कोहली और कोषाध्यक्ष पद पर विनय कुमार आर्या विजयी रहे। देर रात नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई गई।
चुनाव में परिसर में 5351 छात्र-छात्राओं में से 2933 विद्यार्थियों ने वोट डाले। रात आठ बजे से मतगणना शुरू हुई। रात डेढ़ बजे परिसर निदेशक प्रो.एसपीएस मेहता ने चुनाव परिणामों की घोषणा की।
अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के प्रत्याशी दिग्विजय मेहरा ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के मोहित रौतेला को 617 वोटों से हराया। विजयी प्रत्याशी मेहरा को 1751 और रौतेला को 1134 वोट मिले।
छात्रा उपाध्यक्ष पर करिश्मा जोशी जीती। उन्हें 1454 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रही दामिनी आर्या को 720 व तीसरे स्थान पर रही चंद्रकला रावत को 665 वोटों पर संतोष करना पड़ा।
उपाध्यक्ष पद पर मदन मोहन अधिकारी जीते। उन्हें 1555 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहे जितेंद्र प्रसाद को 1259 वोटों पर संतोष करना पड़ा। सचिव पद पर जितेंद्र सिंह बंगारी विजयी रहे।
उन्हें 1927 वोट मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे मोहम्मद सोहेल को 910 वोट ही मिले। संयुक्त सचिव पद पर भूपेंद्र कुमार कोहली ने चुनाव जीता। उन्हें 1508 वोट मिले जबकि अजय सिंह बिष्ट को 1310 वोटों पर संतोष करना पड़ा।
कोषाध्यक्ष पद पर विनय कुमार आर्या विजयी रहे। उन्हें 1628 वोट मिले जबकि फैसल सलमानी को 1189 वोट मिले। संकाय प्रतिनिधियों में विज्ञान संकाय के लिए राजेंद्र कुशवाहा निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए जबकि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के रूप में सुमित पांडे ने 1388 वोट प्राप्त कर चुनाव जीता जबकि दूसरे प्रत्याशी नरेंद्र भरतौला को 1291 वोट मिले।
परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद डीएसडब्ल्यू प्रो.देवेंद्र सिंह बिष्ट ने विजयी प्रत्याशियों को शपथ दिलाई। मतगणना के दौरान डीएम दीपक रावत समेत कई पुलिस व प्रशसानिक अधिकारी परिसर में डटे रहे। इस मौके पर प्रो.चंद्रकला पंत, प्रो.आरसी जोशी, प्रो.आरपी पंत, डा. रितेश साह, डा. आशीष तिवारी मौजूद थे। संचालन डा. ललित तिवारी ने किया।
484 ने किया नोटा का प्रयोग
डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव में पहली बार नोेटा को भी शामिल किया गया था। नोटा यानि उक्त प्रत्याशियों में से कोई नहीं। चुनाव में वोट डालने वाले 484 मतदाता ऐसे थे जिन्होंने प्रत्याशियों को खारिज कर दिया।
अध्यक्ष पद पर 27 वोट अवैध मिले जबकि 16 ने नोटा का प्रयोग किया। इसी तरह छात्रा उपाध्यक्ष पद पर 29 अवैध और 43 नोटा, उपाध्यक्ष पद पर 29 अवैध और 59 नोटा, सचिव पद पर 27 अवैध और 49 नोटा, संयुक्त सचिव पद पर 51 अवैध और 48 नोटा, कोषाध्यक्ष पद पर 30 अवैध और 70 नोटा तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर 26 अवैध और 199 नोटा वोट पड़े।
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चंद्रेश पांडे