कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव 26 सितंबर से 10 अक्तूबर तक होंगे। छात्रसंघ निर्मात्री समिति की बैठक में इसका फैसला लिया गया। निर्धारित अवधि में ही महाविद्यालयों को अपनी तिथि घोषित करनी होगी।
विशेष परिस्थितियों में यदि किसी कॉलेज में निर्धारित अवधि में चुनाव नहीं हो पाए तो कुलपति से अनुमति लेकर तिथि तय की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 दिन होगी। छात्रसंघ चुनाव होने के बाद 10 दिन के भीतर विवि छात्र महासंघ के चुनाव कराने पर सहमति बनी।
बृहस्पतिवार को विवि के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों और चुनाव प्रभारियों की बैठक ली। तय किया गया कि छात्रसंघ संविधान 2009-10 के आधार पर ही चुनाव होंगे।
लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पूरी तरह से पालन होगा। इस बार मत पत्र में प्रत्याशियों के नाम के अंत में एक कॉलम नोटा (इनमें से कोई नहीं) का भी होगा। कुलपति ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद विजयी प्रत्याशियों की सूची और प्रत्याशी के नाम और पिता का नाम आदि तुरंत विवि दफ्तर को भेजना होगा।
विवि छात्र महासंघ के चुनाव अल्मोड़ा परिसर में होने पर सहमति बनी। इसके लिए चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी परिसर के निदेशक प्रो. आरएस पथनी को सौंपी गई।
तय हुआ कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव व विवि प्रतिनिधि पद के लिए नामांकन शुल्क 1200 रुपए होगा।
संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए 800, संकाय प्रतिनिधि पद के लिए 500 रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी पदों के लिए 1200 रुपए जमानत राशि भी जमा करनी होगी।
बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. रजनीश पांडे, सहायक कुलसचिव आशा आर्या, नैनीताल परिसर के निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, अल्मोड़ा के प्रो. आरएस पथनी, नैनीताल के डीएसडब्ल्यू प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्रॉक्टर डॉ. आशीष तिवारी, डॉ. गंगा सिंह बिष्ट, प्रो. दया पंत, डॉ. पीडी भट्ट, डॉ. डीसी पंत, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मनोज उप्रेती, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. एचआर तिरुवा, विधान चंद्र चौधरी, अभिराम पंत, सीएस पंत आदि थे।
समस्याओं का समाधान खुद करें प्राचार्य : धामी
बैठक में वीसी प्रो. एचएस धामी ने प्राचार्यों को सख्त निर्देश दिए कि वे परिसरों और कॉलेजों की प्रवेश, सीट बढ़ाने समेत कॉलेज स्तर की समस्याओं के लिए विद्यार्थियों और अन्य लोगों को उनके पास न भेेजें।
उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर की समस्याओं के लिए उनके पास आए दिन फोन आते रहते हैं। वीसी ने कहा कि सभी प्राचार्य अपने स्तर से समस्याओं का समाधान करें।