फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवेश पत्र न मिलने पर छात्र ने खाया जहर, मौत 

Thu, 09 Mar 2017 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
विज्ञापन
छात्र ने आत्महत्या की - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रामनगर। परीक्षा का प्रवेश पत्र न मिलने से परेशान इंटरमीडिएट के छात्र ने बीती रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। छात्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। छात्र दो बहनों के बाद एकलौता भाई था। मंगलवार देर रात मोहल्ला पंपापुरी निवासी राम सिंह रावत का पुत्र दीपक रावत आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। बीते रात उसने घर में स्कूल से प्रवेश पत्र न मिलने के चलते जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। लेकिन, छात्र की हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। छात्र दीपक की हल्द्वानी एसटीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। 
विज्ञापन


मृतक छात्र दीपक के पिता राम सिंह रावत ने बताया कि दीपक होनहार था, उसकी बृहस्पतिवार से परीक्षाएं शुरू होनी थीं, लेकिन स्कूल वाले उसका प्रवेश पत्र नही दे रहे थे। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो केमिस्ट्री का ट्यूशन पढ़ने का दबाव बनाया गया, लेकिन मैडम के काशीपुर होने पर उन्होंने वहां ट्यूशन पढ़ाने से असमर्थता जताई। इसके बावजूद बार-बार दीपक पर ट्यूशन के लिए प्रेशर डाला जा रहा था। इसके अलावा बाल की कटिंग के लिए भी उसे टोका जाता था। हर समय उसको टॉर्चर किया जाता रहा। इस संबंध में दीपक ने कई बार घर में भी शिकायत की थी।

दीपक के पिता ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र मिल गए थे, सिर्फ दीपक का प्रवेश पत्र ही रोका गया। इसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया था। पिता ने बताया कि चार मार्च को वह और उनकी पत्नी प्रवेश पत्र लेने गए तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि छात्र का आना जरूरी होता है।
विज्ञापन


उन्होंने दीपक के अस्वस्थ होने का भी हवाला दिया, लेकिन उन्होंने प्रवेश पत्र नहीं दिया। इसी कारण दीपक ने यह कदम उठाया है। दीपक के पिता मूल रूप से सल्ट (रानीखेत) के निवासी है। वह फौज से रिटायर होकर रामनगर में बच्चों को पढ़ाने के लिए पंपापुरी में किराये के मकान पर रहते हैं। आर्मी पब्लिक स्कूल, हेमपुर की प्रधानाचार्या मालिनी शर्मा कहती हैं कि विद्यालय द्वारा छात्र का प्रवेश नही रोका गया है। विद्यालय पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार है। हमारे विद्यालय में किसी भी विद्यार्थी पर ट्यूशन का दबाव नहीं डाला जाता। इस छात्र को जनवरी में बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाओं में सम्मलित कराया गया। दीपक एक माह से स्कूल नहीं आ रहा था। विद्यालय परिवार को इस घटना पर अत्यंत दुख है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें