रामनगर/भीमताल/कालाढूंगी। (नैनीताल)। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने रविवार को फलों और नकदी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अपनी मेहनत को बर्बाद होता देख जिले के किसान मायूस है।
रामनगर में लीची उत्पादक समिति के सचिव राकेश नंदन सिंघल और काश्तकार उदयान पंडित ने बताया कि बेमौसम बारिश से इस बार आम और लीची की फसल 50 फीसदी तक खराब हो चुकी है। कहा कि पहले ही लॉकडाउन की वजह से किसान नुकसान झेल रहे थे, क्योंकि आम और लीची के बागों में कीटनाशक के छिड़काव के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। अब मौसम से दोहरी मार पड़ी है। बताया कि सोमवार को काश्तकारों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम रामनगर से मिलेगा।
इधर, अलचौना के किसान आनंदमणि भट्ट, शिवराज अलचौनी, लोकेश वर्मा, जंगलियागांव प्रधान राधा कुल्याल, डहरा प्रधान मनोज सिंह चनौतिया, कुकना के पूर्व प्रधान मदन नौलिया ने बताया कि बारिश और तूफान के चलते गेहूं, जौ, आलू, टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, आडू, पूलम, खुबानी, सेब, आम और लीची की फसलें बर्बाद होने से लाखों का नुकसान हो गया। उन्होंने सरकार से नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की मांग की है।
इधर, कालाढूंगी क्षेत्र में भी आम और लीची की फसलों को नुकसान हुआ है। काश्तकार साबिर अंसारी, गणेश कार्की, राजकुमार पांडे, मोहन पांडे आदि ने कहा कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से आम और लीची की फसलों को 40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।