नैनीताल/देहरादून। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी देहरादून के कुलपति प्रो. एनके जोशी अब कुमाऊं विश्वविद्यालय के नए कुलपति होंगे। कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य की ओर से इसका आदेश जारी किया गया है। कुलाधिपति की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नियमित कुलपति के पद के लिए चयन कमेटी की संस्तुति के तहत कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर प्रोफेसर एनके जोशी की नियुक्ति की गई है।
जोशी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर नियुक्त किए जाते हैं। वह विश्वविद्यालय के 29 वें कुलपति होंगे। प्रो. जोशी सोमवार को कार्यभार संभाल सकते हैं। कुमाऊं विवि में नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से कुलपति के पद से इस्तीफा दे दिया है।
बागेश्वर जिले के कौसानी निवासी प्रो. एनके जोशी ने कुविवि के डीएसबी परिसर से वर्ष 1981 में भौतिक विज्ञान से एमएससी की। प्रो. जोशी कंप्यूटर साइंस के विद्वान हैं। लगभग 35 साल से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय प्रो. जोशी बोस्टन एमआईटी के विद्यार्थी रहे हैं। वह उत्तरांचल विश्वविद्यालय के डीन भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह वैंकटेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रो वीसी, अमेरिका की मिशौरी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ ही तीर्थांकर महावीर यूनिवर्सिटी और वनस्थली यूनिवर्सिटी में निदेशक भी रहे हैं। कई पुस्तकों के लेखक प्रो. जोशी के कई शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जरनल में प्रकाशित हो चुके हैं।
कुविवि के पूर्व कुलपति प्रो. केएस राना ने कुछ दिन पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आगे कार्य न करने की इच्छा जताई थी। उनका कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा था। इसके बाद रविवार को कुलाधिपति बेबी रानी मौर्य ने पत्र जारी कर प्रो. एनके जोशी को कुलपति के पद पर नियुक्त किया है।
कोर्स पूरा कराना प्राथमिकता : प्रो. जोशी
यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार 30 मई तक बच्चों का कोर्स पूरा कराना मेरी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार समय पर परीक्षा कराई जाएगी। शोध कार्य और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं गोष्ठियों पर फोकस रहेगा। विश्वविद्यालय की ओर से समुदाय के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रौढ़ शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा।-प्रो. एनके जोशी, नवनियुक्त कुलपति, कुमाऊं विवि