इंसानियत की सारी हदें पार कर एक युवक ने अपनी पत्नी का गला घोंट उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद मृतका के परिजनों में कोहराम मचा है। आरोपी पति घटना के बाद से फरार हो गया। जिसकी पुलिस ढूंढ खोज कर रही है। मृतका के परिजनों की ओर से आरोपी के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ग्राम दयारामपुर टांडा निवासी नंदलाल पासी पुत्र राजपाल का विवाह दो साल पहले चार फरवरी 2014 को हिंदू रीति रिवाज के साथ मुरादाबाद केबिलारी गांव के डोरी लाल की पुत्री मिथिलेश के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही नंदलाल पत्नी का दहेज के लिए उत्पीड़न करता था। जिसकी खबर मृतका ने अपने परिजनों को भी दी थी। हत्यारे के पिता राजपाल ने बताया नंदलाल इन दिनों चंडीगढ़ में फोटोग्राफी का काम करता है। सोमवार की रात जब वह घर पहुंचा तो पत्नी से कहासुनी हो गयी।
उन्होंने बताया मंगलवार की सुबह नंदलाल ने उस समय अपनी पत्नी को गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया जब वह कानियां के एक बगीचे में चौकीदारी के लिये गया था। भतीजे ने फोन पर घटना की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि नंदलाल का प्रतापपुर की एक लड़की से पुराना प्रेम प्रसंग था। इसी वजह से वह अपनी पत्नी के साथ अभद्रता करता था। एसएसआई चंद्रमोहन सिंह ने बताया मृतका के पिता डोरीलाल ने आरोपी दामाद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, हत्या का केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया आरोपी के खिलाफ 304बी, 498, 98 ए, 3/4 दहेज अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को पकड़ने की लिये पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मारे जाने से पहले पति को पिलाई चाय
रामनगर। मृतका मिथिलेश (22) ने पति द्वारा मारे जाने से पहले अपना फर्ज अदा किया। रोजाना की तरह उसने परिजनों के अलावा पति नंदलाल को चाय पिलाई। इसके बाद घर की साफ सफाई भी की। आखिर बात कहां पर बिगड़ी कि पति ने सुबह ही पत्नी का गला घोंट दिया। यह कहानी अभी अनसुलझी रह गयी है।
दामाद को दिये 25 हजार रुपये
रामनगर। जिस कलियुगी दामाद ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। उसी पत्नी के पिता ने उसकी आर्थिक सहायता की। मृतका के पिता डोरीलाल ने बताया बीती 22 अप्रैल को दामाद के बहन की शादी थी। जिसमें पैसों की कमी आड़े आ रही थी। ऐसे में उन्होंने अपनी जेब से 25 हजार रुपये विवाह में खर्च करने को दिये।
दूसरा विवाह करने की फिराक में था
रामनगर। दो साल पहले नंदलाल ने परिजनों के इच्छानुसार मुरादाबाद बिलारी की मिथिलेश से विवाह किया। लेकिन वह प्रतापपुर की लड़की से प्रेम करता था। इसी के चलते वह उससे दूसरा विवाह करना चाहता था। जिसके लिये युवक का दो बार लड़की के परिजनों से विवाद भी हुआ। स्थानीय लोग बताते हैं नंदलाल का चाल चलन भी ठीक नहीं था।
सात जन्म का वादा दो साल में खत्म
रामनगर। विवाह के समय सात फेरे और सात जन्म तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा। जिस पति ने अग्नि की परिक्रमा कर पत्नी को जिंदगी पर खुश रखने की कसम खाई। वहीं उसका हत्यारा निकला। मानवता की सभी हदें तोड़कर पति ने पत्नी का गला घोंट दिया।