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बैंकों में कैश निकालने को अभी भी लंबी लाइनें

Tue, 27 Dec 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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नोटबंदी के 46 दिन पूरे होने के बाद भी लोगों की बैंकों से कैश निकालने में दिक्कतें कम नहीं हो पाई हैं। सोमवार को एसबीआई की मुख्य शाखा में कैश निकालने के लिए जितनी लंबी लाइन अंदर थी उससे अधिक लंबी लाइन बैंक के बाहर एटीएम पर लगी थी।
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इसके अलावा पीएनबी, बॉब, यूनियन बैंक समेत अन्य बैंकों में कैश निकालने को लेकर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश एटीएम भी कैश न होने से बंद रहे।   

स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में काउंटरों पर लोगों की लंबी लाइनों को देखते अपराह्न साढ़े तीन बजे ही चैनल को बंद कर दिया गया था। लेकिन लोगों की लाइन बैंक बंद होने के सायं चार बजे तक भी खत्म नहीं हुईं।
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काउंटरों पर लगी तीन लाइनों में 50 से अधिक लोग कैश के इंतजार में खड़े थे। घंटों लाइन में लगे होने के कारण  कैश न मिलने पर लोग भड़क न उठे, इसके लिए सायं चार बजते ही बंद हुए सरवर को फिर से ऑन कराया गया।

बैंक का सरवर ऑन होने पर काउंटरों पर लाइन में लगे लोगों को भुगतान किया गया। इसमें आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। कई लोगों ने विड्राल फार्म पर 20 से 24 हजार तक की राशि भरी थी मगर बैंक कर्मियों ने 10 हजार से अधिक भुगतान करने से मना कर दिया।

सप्ताह का पहला दिन होने की वजह से बैंकों में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। एसबीआई की कुसुमखेड़ा ब्रांच में भी लाइनें लगी थीं। कुसुमखेड़ा चौराहा स्थित यूनियन बैंक की डीएवी ब्रांच में अपराह्न तीन बजे कैश खत्म होने की बात कह कर ग्राहकों को भुगतान करने से कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए।

हालांकि दो से पांच हजार तक कुछ लोगों को भुगतान कैश जमा होने पर किया गया। शाखा प्रबंधक जगदीश पढालनी ने बताया कि बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को 24 हजार तक का भुगतान किया जा रहा है।

अपराह्न में कैश कम होने पर कुछ दिक्कत आई थी तथा देहरादून चेस्ट ब्रांच को कैश के लिए डिमांड भेज दी गई है। यूनियन बैंक का एटीएम भी कैश न होने के कारण ही बंद था। रेलवे बाजार में आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक के एटीएम सोमवार को चालू नहीं हो सके।

दोनों एटीएम मशीनों पर ‘कैश नहीं है’ का नोटिस चस्पा है। पीएनबी की बरेली रोड ब्रांच से भी केवल पांच हजार रुपए ही कैश दिया गया। एसबीआई की देवलचौड़ ब्रांच का एटीएम भी बंद रहा।  

परिचितों को पहले भुगतान

एसबीआई की मुख्य शाखा में काउंटर संख्या 12 से परिचितों को पहले भुगतान किया जा रहा था। सायं चार बजे बैंक बंद होने का समय होने पर कुछ लोग दूसरे काउंटरों की लाइन छोड़कर काउंटर संख्या 12 पर आकर लाइन में लग गए तो काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने काउंटर ही बंद कर दिया। इस वजह से कई बुजुर्गों को परेशान होना पड़ा।

अरे अब तो बंद करो पुराने 500 के नोट

एसबीआई की मुख्य शाखा में एक दंपति पुराने 500 - 500 के दो नोट जमा करने पहुंचे थे। काउंटर पर घंटों लाइन में लगने पर सायं चार बजे जब नंबर आया तो कर्मचारी के पीछे खड़े एक अधिकारी ने दंपति से कह दिया कि भाई अब तो पुराने 500 के नोट लाना बंद करो।

दंपति ने जब कारण बताया तो अधिकारी  कहने लगे कि हमें मत समझाओ कि कहां से ला रहे हो पुराने नोट। इतना सुनते ही दंपति का पारा चढ़ गया और उन्होंने बैंक अधिकारी को खूब खरी खोटी सुनाई, कहा कंपनी ने हमें जबरन बीआरएस दे दिया अब तुम हमें परेशान कर रहे हो।  
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