हल्द्वानी। घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ महिलाएं अब परिवहन क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बस परिचालक की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिलाएं रोजाना यात्रियों के साथ सफर करते हुए विभिन्न रूटों पर ड्यूटी कर रही हैं। नौकरी की व्यस्तता के बीच वे बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाल रही हैं।
महिला परिचालक पूनम दिवाकर एक वर्ष से इस कार्य में हैं। वर्तमान में वह दिल्ली रूट पर ड्यूटी करती हैं। उनके तीन बच्चे हैं और वह नाइट ड्यूटी भी करती हैं। पूनम के सामने नौकरी के साथ बच्चों और घर की जिम्मेदारियां निभाने की चुनौती रहती है। यात्रियों के अलग-अलग व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी पूरी लगन से निभा रही हैं।
वहीं, नीमा डालाकोटी 14 साल से परिचालक हैं। उनका एक बच्चा है। नीमा वर्तमान में नैनीताल रूट पर ड्यूटी कर रही हैं। वह दिल्ली, काशीपुर, पिथौरागढ़ और बरेली रूट पर भी ड्यूटी कर चुकी हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदारी इंसान को सब कुछ सिखा देती है।वह परिवार और नौकरी के बीच संतुलन बनाए हुए हैं। हालांकि पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद