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डिग्री कालेज बताएं, सेमेस्टर प्रणाली चाहिए या नहीं

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State the degree college, whether semester system is required or not
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हल्द्वानी। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में इसी साल से सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने के शासन के आदेश को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। स्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं में असमंजस बना हुआ है कि सेमेस्टर सिस्टम चलेगा या नहीं।
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इसकी मुख्य वजह यह है कि शासनादेश होने के बाद भी कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से कोई स्पष्ट नहीं किया गया। इस संबंध में बृहस्पतिवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय की तरफ से मंडल सभी राजकीय महाविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है कि डिग्री कॉलेज बताएं, सेमेस्टर प्रणाली के पक्ष में हैं या खत्म करने के पक्ष में हैं, इसकी लिखित सहमति भेजनी होगी।
कुलपति प्रो. केएस राना का कहना है सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने में विश्वविद्यालय कोई रुकावट पैदा नहीं कर रहा है। टेक्निकल स्थिति यह है कि जो डिग्री कालेज तीन साल के भीतर खुले हैं, वहां आधारभूत सुविधाएं नहीं है। उनमें तो हम कर सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर सकते हैं मगर जो कॉलेज पुराने हैं उनके प्राचार्य जब तक लिखित तौर पर सहमति या असहमति पत्र नहीं देंगे वहां सेमेस्टर सिस्टम बिना किसी आधार के खत्म नहीं हो सकता। कुलपति ने बताया कि बृहस्पतिवार को ई-मेल से सभी संस्थानों को पत्र भेजा गया गया है।
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90 में से सिर्फ छह ने भेजा जवाब
हल्द्वानी। कुमाऊं विवि की ओर से सेमेस्टर सिस्टम के बारे में 90 कॉलेजों को पत्र भेजा गया था लेकिन एक महीने के भीतर सिर्फ छह कालेजों का ही जवाब आ सका है। कुलपति प्रो. राना ने कहा कि जिन कॉलेजों से लिखकर आएगा, वहीं सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर वहीं परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी और एनुअल मोड की परीक्षाएं होंगी, जो सेमेस्टर चलाना चाहते हैं वहां सेमेस्टर परीक्षाएं होंगी।
विश्वविद्यालय पहले ही बदल चुका है कोर्स
हल्द्वानी। कुलपति प्रो. राना ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से कोई देरी नहीं है। दो महीने पहले ही तैयारी पूरी कर ली थी। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाकर उसमें एनुअल मोड का सिलेबस भी चेंज करा लिया था क्योंकि एनुअल मोड का सिलेबस अलग होता है। सेमेस्टर सिस्टम का मामला हमने ही उठाया था। सर्वे कर उसी पर कार्यवाही शुरू की। उस समय बच्चे तैयार थे पर अब अब बच्चे कह रहे हैं कि खत्म मत करो।
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