भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की स्थिति अंधेर नगरी, चौपट राजा की तरह हो गई है। प्रदेश की प्रजा हताश और निराश है। सरकार के मंत्री और विधायक प्रदेश को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। आपदा घोटाले के खुलासे से मानवता भी शर्मसार हो गई है। मुख्यमंत्री घोटाले की जांच कराने के बजाए लीपापोती में जुटे हैं। रावत ने कहा कि भाजपा चुप नहीं बैठेगी। घोटाले की सीबीआई जांच कराने और आपदा में हुए खर्च का श्वेत पत्र जारी करने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी। 16 जून को सीएम आवास कूच किया जाएगा।
भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत घोषणा मंत्री हो चुके हैं। अपने कार्यकाल में 10 हजार से अधिक घोषणाएं कर चुके हैं। हकीकत में विकास कार्य ठप हैं। भ्रष्टाचार के मामले में उत्तराखंड ने यूपी और अपराध के मामले में बिहार को पीछे छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री भटकाने के लिए भाजपा के घोटालों की बात कहते हैं। आपदा घोटालों के साथ हुए पुराने मामलों की भी जांच करा लें।
उन्होंने कहा कि 16 जून 2013 की उत्तराखंड की दैवी आपदा से पूरा देश सिहर उठा था। सरकार ने पीड़ितों के पुनर्वास और उनकी सहायता के लिए केंद्र एवं देशभर की तमाम संस्थाओं से मिले पैसे की बंदरबांट की। आरटीआई में इसका खुलासा भी हो चुका है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा प्रदेश के मुखिया हरीश रावत को नैतिकता के आधार पर कफन घोटाला उजागर होने के बाद इस्तीफा देकर इसकी सीबीआई जांच कराने एवं आपदा पर हुए खर्च का श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे तो भाजपा कार्यकाल के दौरान लगे घोटालों के आरोप की भी जांच करा सकती है। इस दौरान प्रदेश महामंत्री हेमंत द्विवेदी, दीपक मेहरा, तरुण बंसल, नवीन पंत आदि थे।