आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) के नगर निगम सभागार में आयोजित पहले राज्य सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की श्रम नीतियों पर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि देश में फिर से अंग्रेजों की तरह कंपनी राज लाने की तैयारी है। इसके खिलाफ लड़ाई तेज करनी होगी।
माले राज्य सचिव राजेंद्र प्रथोली ने कहा कि कारपोरेट घरानों के अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी सरकार ने श्रम कानून में संशोधन और भूमि अधिग्रहण बिल के जरिए मजदूर, किसान विरोधी चरित्र उजागर कर दिया है। केंद्रीय पर्यवेक्षक अनिल वर्मा ने कहा कि इलाहाबाद, गाजियाबाद आदि जगहों पर जब भी श्रमिकों पर जुल्म, उत्पीड़न हुआ, एक्टू ने संगठित तौर पर जवाब दिया। एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा बहुगुणा ने कहा कि देश में एक बार फिर से कंपनी राज लाने की शुरुआत हो गई है। भूमि, प्राकृतिक संसाधनों की लूट शुरू हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रावत सरकार माफिया की सबसे बड़ी पैरोकार बनी हुई है। बैंक इंपलाइज यूनियन के एनसी खुल्बे ने आउट सोर्सिंग, ट्रिपल पी माडल, ठेके प्रथा को शोषण का हथियार बताया। राष्ट्रीय सचिव बीकेएस गौतम, राज्य सचिव केके बोरा, किसान महासभा के पुरुषोत्तम शर्मा ने भी लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मेहनतकश लोग एक हो, इंकलाब जिंदाबाद के नारे भी लगे। सम्मेलन में बहादुर सिंह जंगी, मास्टर निशान सिंह, कमला कुंजवाल, कैलाश पांडे, रमेश त्रिपाठी, दीपा पांडे, महेश आदि कर्मचारी मौजूद थे। पंजाबी इंकलाबी ने जनगीत प्रस्तुत किया।
श्रम संगठनों ने दिखाई ताक
राज्य सम्मेलन में आशा हेल्थ वर्कर्स, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन, लट्ठा मजदूर यूनियन, सीमैप आदि विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।