प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति पैठपड़ाव द्वारा आयोजित बसंतोत्सव पर्व से रामनगर पूरी तरह रंग चुका है। बुधवार को प्रदेश भर से आईं सांस्कृतिक टीमों के कलाकारों ने नगर में सांस्कृतिक जुलूस निकाला, जिससे माहौल में पहाड़ की माटी की खुशबू फैल गई।
साथ ही खोई हुई संस्कृति को पिरोकर रखने का संदेश दिया। जुलूस में जहां कुमांऊनी, गढ़वाली परिधान में कलाकार नाचते हुए नजर आए। वहीं छोलिया नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। बृहस्पतिवार की सुबह समिति प्रांगण से शुरू हुए सांस्कृतिक जुलूस का शुभांरभ लैंसडॉन के विधायक दलीप सिंह रावत ने दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
विशिष्ट अतिथि रिनेंसा कॉलेज के एमडी अरविंद गुसाईं थे। समिति पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
जुलूस में हिमम्यूर सामाजिक वानिकी लोककला मंच उत्तरकाशी, युवा अंगवाल ग्रुप देहरादून, जयनंदा देवी सांस्कृतिक कलामंच जोशीमठ, जयगंगा सांस्कृतिक समिति नैनीताल, नंदजोत कला संगम रामनगर, विहान सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था अल्मोड़ा, प्रयोगांक नैनीताल, पर्वतीय महिला ग्राम विकास समिति भरतपुरी के अलावा क्षेत्रीय कला मंचो द्वारा भी सांस्कृतिक जुलूस में कुमाऊंनी और गढ़वाली संस्कृति का परिचय दिया।
सांस्कृतिक जुलूस में विभिन्न सांस्कृतिक ग्रुपों के कलाकारों ने जागर, घुघते त्यौहार, पर्वतीय विवाह शैली, होली, सहित कई अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। प्रतियोगिता के जसीराम, मणिभारती निर्णायक रहे।
इस दौरान राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अमिता लोहनी, समिति अध्यक्ष कमल बेलवाल, सचिव गिरिश मठपाल, भारत नेगी, डा धनेश्वरी घिल्डियाल, सोनी जोशी, मानवेंद्र कालाकोटी, शमशेर बिष्ट, राकेश नैनवाल, सत्यप्रकाश शर्मा, दीपक डंगवाल, हरिमोहन लटवाल, दीपक डंगवाल, सुमित लोहनी, दिनेश सत्यवली, चंदन कोटवाल, भावना भटट, रेवती सुंदरियाल, रोहित गोस्वामी, देबू रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।