नैनीताल। वर्ष 2018 में क्षतिग्रस्त लोअर मॉलरोड का स्थायी उपचार मार्च से शुरू हो जाएगा। लोअर मॉलरोड के ट्रीटमेंट के लिए दिल्ली की स्टारकॉन इन्फ्रा प्रोजेक्ट इंडिया की टीम ने विभाग के साथ लोअर मॉलरोड की स्थिति का जायजा ले लिया है।
वर्ष 2018 में लोअर माॅलरोड का लगभग 25 मीटर हिस्सा टूट कर झील में समा गया था। सड़क के अस्थायी उपचार के बाद सड़क को स्थायी ट्रीटमेंट दिए जाने के लिए टीएचडीसी को नए सिरे से सड़क का स्थायी ट्रीटमेंट करने का प्रस्ताव दिया गया था। टीएचडीसी के विशेषज्ञों के अध्ययन के बाद लगभग चार करोड़ की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी। शासन की ओर से 3.48 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था लेकिन लोनिवि की ओर से सात निविदाएं निकालने के बाद भी कोई ठेकेदार काम के लिए आगे नहीं आया।
इधर आठ निविदाओं के बाद चार ठेकेदारों की ओर से काम के लिए निविदा डाली गई जिसमें लोअर मॉलरोड के ट्रीटमेंट का ठेका स्टारकॉन इन्फ्रा प्रोजेक्ट इंडिया कंपनी के नाम हुआ था लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब मार्च से कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। मंगलवार को लोनिवि के अधिकारियों के साथ टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर भौगोलिक परिस्थिति को जाना। लोनिवि के सहायक अभियंता जीएस जनौटी ने बताया कि ठेकेदार की ओर से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर लिया गया है। लगभग 40 मीटर क्षतिग्रस्त हिस्से में पक्का कार्य किया जाएगा। टीम मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह में कार्य शुरू कर देगी। संवाद