नैनीताल। डीएसए खेल मैदान खेल विभाग को हैंडओवर होने के बाद विवाद शुरू हो गया है। नैनीताल जिमखाना व जिला क्रीड़ा संघ (डीएसए) के पदाधिकारी तथा सदस्यों ने मंगलवार को पालिकाध्यक्ष से मुलाकात की। इन संस्थाओ ने इस मैदान पर अपना हक बताकर खेल विभाग से नगर पालिका के हुए करार को निरस्त करने की मांग की।
बीते वर्ष डीएसए की पदेन अध्यक्ष डीएम वंदना ने निजी स्तर पर संस्था की पड़ताल की थी। इसमें डीएसए की ओर से स्वयं का सोसायटी एक्ट में नवीनीकरण लंबित पाया गया जबकि संबद्ध संस्थाओं का भी पंजीकरण तक नहीं था। पंजीकरण, नवीनीकरण, नियमित ऑडिट न होना पाया गया। पालिका दस्तावेज की जांच में भी संस्था की ओर से वर्ष 1963 से लीज का नवीनीकरण न होना मिला। इसके बाद पालिका की ओर से जिला खेल विभाग के साथ करारा कर लिया गया। इसके तहत खेल विभाग ही इस मैदान पर क्रीड़ा गतिविधियां कराएगा।
करार का पता चलते ही मंगलवार को नैनीताल जिमखाना व डीएसए के पदाधिकारी पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल से मिले। कहा कि वर्ष 1883 से जिमखाना क्लब की ओर से यहां खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही हैं। इसी मैदान से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे हैं। ऐसे में जिमखाना व डीएसए के अलावा खेल का करार अन्य संस्था से कराना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। पालिकाध्यक्ष ने इस संबंध में बयान देने से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि आवश्यक रायशुमारी के बाद न्यायोचित पहल की जाएगी। मिलने पालिकाध्यक्ष से मिलने वालों में डॉ. मनोज सिंह बिष्ट, देवेंद्र लाल साह, सीएल साह, भुवन बिष्ट शामिल रहे। संवाद