आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख और अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से मध्यस्थ पैनल सदस्य चुने गए श्री श्री रविशंकर ने ओवैसी की टिप्पणी को कोई तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम विरोध करना ही है। उन्होंने नैनादेवी मंदिर तक पैदल यात्रा कर पूजा-अर्चना की। कहा कि उत्तराखंड के इस हिस्से पर पहली बार आए हैं और नैनीताल की खूबसूरती ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है, इसीलिए एक रात यही रुकेंगे।
श्री श्री रविशंकर शनिवार अपरान्ह करीब ढाई बजे मल्लीताल स्थित फेयर हेंवन्स हालिडे होम होटल पहुंचे। जहां उनके अनुयायियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। देर शाम पत्रकार वार्ता में रविशंकर ने ओवैसी द्वारा उनके मध्यस्थ पैनल में शामिल होने के विरोध में की गई टिप्पणी पर बोले कि कुछ लोगों का काम सिर्फ विरोध करना है। इसके बाद रविशंकर कैची धाम जाने के लिए होटल से निकले, मगर फिर पैदल ही नैनादेवी की ओर चल दिए, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर नैनादेवी मंदिर की पौराणिकता जानी और पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण कर ठंडी सड़क स्थित शनि मंदिर, शिव मंदिर और पाषाण देवी के दर्शन भी किए।
उत्तराखंड में नशा मुक्ति और स्किल डेवलपमेंट पर कार्य करेगी संस्था
घूमने के उद्देश्य से नैनीताल पहुंचे श्री श्री रविशंकर बोले कि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने के लिए उनकी संस्था नशा मुक्ति के क्षेत्र में यहां भी कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि संस्था पंजाब और हरियाणा में नशा मुक्ति में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था उत्तराखंड में रसायन मुक्त खेती की ओर लोगों को प्रोत्साहन करने का काम कर रही है, इसके साथ ही किसानों को जमीन देने और स्वच्छता के क्षेत्र में भी संस्था काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के युवाओं में स्किल डेवलपमेंट करने के लिए संस्था द्वारा ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे।
नैनीताल की खूबसूरती ने किया प्रभावित तो वापस जाने का कार्यक्रम स्थगित
नैनीताल पहुंचे रविशंकर का शाम को कैची धाम मंदिर होते हुए हल्द्वानी लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन नैनीताल की खूबसूरती से वह इतना प्रभावित हुए कि कैची धाम और वापस जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। वह होटल से एक किमी पैदल चलकर नैनादेवी मंदिर पहुंचे और फिर पैदल ही होटल की ओर चल पड़े। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था से जुड़ी रेशमा टंडन ने बताया कि रात को श्री यही रुकेंगे, रविवार सुबह उनका कैची धाम जाने का कार्यक्रम है।
पर्यावरण संरक्षण को पौधे लगाएं : श्री श्री रविशंकर
भीमताल (नैनीताल)। श्री श्री रविशंकर शनिवार दोपहर में नौकुचियाताल पहुंचे। यहां उन्होंने नौकुचियाताल झील की सैर की। इसके बाद उन्होंने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। कहा कि नौकुचियाताल स्विट्जरलैंड की तरह सुंदर है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की सुंदरता को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे। श्री श्री रविशंकर नौकुचियाताल में लेक रिजोर्ट में भी गए, जहां से उन्होंने 15 मिनट तक भीमताल झील को निहारा। बाद में वह नैनीताल चले गए। इस दौरान उनके सचिव गौरव वर्मा, एपेकान सदस्य कमल कपूर, धीरेंद्र कबड़वाल, रघुवीर सिंह आदि थे। ब्यूरो