कोटाबाग। कालाढूंगी क्षेत्र में एक ब्लॉक एक स्टेडियम योजना के तहत शिलान्यास किए गए स्टेडियम का निर्माण कार्य आज तक अधूरा पड़ा है। छह वर्ष पूर्व तत्कालीन खेल मंत्री अरविंद पांडेय एवं स्थानीय विधायक बंशीधर भगत के प्रयासों से खेल स्टेडियम की यहां घोषणा हुई थी। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद स्टेडियम नहीं बनने से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं में निराशा है।
स्टेडियम की भूमि के एक हिस्से पर वन विभाग ने अपनी जमीन बता एंगल लगाकर निर्माण रोक दिया। इससे प्रैक्टिस कर रहे युवाओं को पूरा 200 मीटर ट्रैक नहीं मिल पा रहा है। चारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा न होने से स्टेडियम असामाजिक तत्वों एवं नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। मैदान में जगह-जगह शराब की खाली बोतलें और कांच के टुकड़े बिखरे पड़े हैं। चेंजिंग रूम एवं गार्ड रूम भवन बनने के डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी युवा कल्याण विभाग ने भवन का हस्तांतरण नहीं किया जा है। स्टेडियम परिसर से शिलान्यास पट्ट भी गायब हो चुका है। पूर्व कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कुलदीप तड़ियाल ने असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के संबंध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भी भेजा है।
खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि हमारे बच्चे टूटी बोतलों के बीच प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। जिस स्टेडियम को 16 महीनों में पूर्ण होने का वादा किया गया वह 6 वर्षों में भी पूर्ण नहीं हो पाया। यह शासन प्रशासन पर बहुत बड़ा सवाल है।
गोविंद पांडे, महासचिव, क्षेत्रीय विकास समिति
इसी मैदान से निकले कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज मैदान की हालत इतनी खराब है कि प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। सुबह-शाम 70-80 बच्चे यहां प्रैक्टिस करते हैं, पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
राजेंद्र नेगी, खेल प्रशिक्षक