चोरगलिया (नैनीताल)। वन विभाग रनसाली की टीम ने वन क्षेत्राधिकारी नंधौर भगवत प्रसाद पंत के नेतृत्व में नंधौर नदी में खनन माफियाओं से निपटने के लिए कड़ापानी गेट तथा प्रथम गेट में लगे सीसीटीवी फुटेज देख कर उनकी हार्ड डिस्क अपने पास सुरक्षित रख ली।
यह फुटेज कार्रवाई के लिए डीएफओ पराग मधुकर धकाते को भेजी जायेगी। वन क्षेत्राधिकारी भगवत प्रसाद पंत ने बताया कि वन विकास निगम के कंप्यूटर आपरेटरों द्वारा तौल कॉटा इंडीकेटर को मूल स्थान से उखाड़ कर अपने सामने लगा रखा था तथा उसका ताला भी टूटा हुआ था। जिससे तौल में हेराफेरी की जा सके। कॉटे के अंदर मात्र एक कैमरा लगा है। जो अंदर की गतिविधियों को पूरी नहीं दिखा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी नंधौर का कहना है कि कंप्यूटर आपरेटरों पर वन विकास निगम का कोई नियंत्रण नहीं है। उनकी मिली भगत से अवैध कार्य किया जा रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी नंधौर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने को बुलाने के बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि यदि वन विभाग द्वारा नदी के अंदर या मुख्य मार्ग पर कोई बिना रायल्टी या बिना टोकन की गाड़ी पकड़ी जाती है तो इसमें आपरेटरों की मिलीभगत साबित हो जाएगी। बीते दिनों भी इसी तरह का वाहन पकडा गया। पकड़ने के 15 मिनट बाद वाहन स्वामी रॉयल्टी ले आया। जांच दल में प्रताप गिरी गोस्वामी, सुखा सिंह, कंचन मेहरा, धरम सिंह, भीम सिंह आदि थे।