भवाली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और तकनीक के माध्यम से न्यायिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसा हुआ तो न केवल अंत्योदय परिवार के लोग भी न्यायिक व्यवस्था का लाभ आसानी से उठा सकेंगे बल्कि उसे बेहतर तरीके से समझ भी सकेंगे।
शनिवार को राज्यपाल भवाली स्थित उत्तराखंड ज्यूडिशियल एंड लीगल एकेडमी (उजाला) परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि कोविड काल में ऑनलाइन संपन्न हुए न्यायिक कार्यों के बेहतर रिजल्ट आए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में जो कमी है, उसे दूर करना चाहिए। महिला हिंसा के मामलों में पीड़िता को त्वरित न्याय मिलना चाहिए। यह त्वरित न्याय अपराधियों के हौसलों को पस्त करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। जब राज्यपाल से पूछा गया कि कई मामलों में जो काम राज्य सरकार को करना चाहिए वह न्यायालय से हो रहा है तो इस पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभ हैं। न्याय पालिका इसमें सुंदर तरीके से काम करती है। कमजोरियों पर नजर रखना जरूरी है जो राष्ट, समाज और देश के प्रत्येक परिवार के लिए अच्छा है।
तैयारी अंग्रेजी में की थी और बोले हिंदी में
भवाली। सेमीनार के उद्घाटन सत्र के समापन मौके पर सभी का धन्यवाद ज्ञापन करने डायस में पहुंचे हाईकोर्ट के न्यायाधीश शरद शर्मा ने कहा कि उन्होंने बोलना तो अंग्रेजी में था लेकिन राज्यपाल जी ने हिंदी को बढ़ावा देने की बात कही। इस पर उन्होंने अंग्रेजी में बोलने का फैसला बदलकर हिंदी में बोलना जरूरी समझा। इस दौरान न्यायाधीश शर्मा ने हिंदी में ही सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ काफिला
भवाली। मेहरागांव स्थित होटल कंट्री इन में ठहरे न्यायाधीशों का काफिला सुबह साढ़े आठ बजे से पुलिस के वाहनों की सुरक्षा के साथ भवाली उजाला एकेडमी तक पहुंचा। न्यायाधीशों के वाहनों के निकलने के दौरान कुछ देर के लिए यातायात बंद कर दिया गया। शाम चार बजे तक पुलिस न्यायाधीशों के काफिले के चलते यातायात व्यवस्था बनाने में जुटी रही। इस दौरान दो अपर पुलिस अधीक्षक, दस पुलिस उपाधीक्षक, 16 निरीक्षक, 110 उप निरीक्षक, 450 हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और चार कंपनी पीएसी मुस्तैद रही।
राष्ट्रगान से शुरू और राष्ट्रगान पर ही खत्म
भवाली। उजाला एकेडमी में न्यायाधीशों की सेमीनार का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ और उद्घाटन सत्र का समापन भी राष्ट्रगान के साथ ही किया गया। इस दौरान पुलिस का बैंड सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। इससे पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के भवाली स्थित उजाला में पहुंचने पर पुलिस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया।
उत्तराखंड की संस्कृति की झलक पेश की
भवाली। उजाला में न्यायाधीशों की सेमीनार के उद्घाटन सत्र के दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सुधांशू धूलिया व उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने कार्यक्रम में शामिल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, विभिन्न प्रांतों के न्यायाधीश और अन्य प्रतिभागियों को उत्तराखंड की संस्कृति, देवी-देवताओं और तीज-त्योहार आदि की जानकारी दी। माई सिटी रिपोर्टर
कुमाऊंनी संस्कृति को मिली तवज्जो
भवाली। न्यायाधीशों के सेमीनार के दौरान आयोजकों की ओर से कुमाऊंनी संस्कृति को विशेष तवज्जो दी गई। उद्घाटन अवसर पर एक बालिका कुमाऊंनी परिवेश में राज्यपाल के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन की सामग्री लेकर पहुंची। मंचासीन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों व दूसरे प्रांतों के हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को आयोजकों की ओर से कुमाऊंनी संस्कृति को जीवंत करने वाले फ्रेमयुक्त ऐपण भेंट किए। माई सिटी रिपोर्टर