हाइकोर्ट में होने वाली शासकीय अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, अपर अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता एवं ब्रिफ होल्डर की नियुक्ति के संबंध में दायर विशेष याचिका को हाइकोर्ट की खंडपीठ ने सोमवार को निस्तारित कर दिया है।
कोर्ट ने अपीलार्थी को अपना पक्ष एकलपीठ के समक्ष रखने को कहा है। साथ ही न्यायालय ने एकलपीठ को भी कहा है कि वह जल्द इस याचिका को निस्तारित करें। इस प्रकरण पर न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई मंगलवार को होगी।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हाइकोर्ट के अधिवक्ता दिनेश कुमार चंदोला ने स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के समक्ष चल रही अधिवक्ता ललित सिंह बिष्ट की याचिका को चुनौती देते हुए कहा था कि वह रिट याचिका पोषणीय नहीं है।
एकलपीठ के समक्ष दायर याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में शासकीय अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, अपर अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता एवं ब्रिफ होल्डर की नियुक्ति राजनैतिक दलों और अन्य बाहरी प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में न आते हुए पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए की जानी चाहिए।
पूर्व में एकलपीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने अंडरटेकिंग दी थी कि वे नियुक्तियां नहीं करेंगे। जिसके बाद नियुक्तियों पर रोक लग गई थी।