हल्द्वानी। बनभूलपुरा पुलिस ने कैटरिंग कारोबारी सोनू गुप्ता की हत्या के मामले में गिरफ्तार सोनू सैनी को जेल भेज दिया है। उसने बताया कि उसके सोनू की पत्नी से पांच सालों से संबंध थे। इसी विवाद में उसने गमछे से गला कसकर सोनू गुप्ता की हत्या कर दी।
एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने पत्रकारों को बताया कि उजाला नगर निवासी कैटरिंग कारोबारी सोनू गुप्ता (38) का शव बरेली रोड स्थित दानिश के बगीचे में 13 जून को मिला था। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसकी गला कसकर हत्या की गई है। पुलिस ने नामजद आरोपी सोनू सैनी को आंवला गेट चौकी से गिरफ्तार कर लिया था। वह मूलरूप से रामपुर जिले के छितौनी रोड गांव सैफनी तहसील शाहबाद का रहने वाला है और यहां सती कालोनी में हलवाई का काम करता है।
पूछताछ से पता चला कि शनिवार की रात सोनू गुप्ता शराब पीकर उजालेश्वर मंदिर के पास घूम रहा था। वहां सोनू सैनी को देखने के बाद सोनू गुप्ता ने उसके साथ गालीगलौज करना शुरू किया। कहा कि यदि उसने पत्नी से अवैध संबंध रखे तो वह उसकी हत्या कर देगा। बहस बढ़ी तो दोनों दानिश के बगीचे में चले गए। इस बीच सोनू सैनी ने अपने साथी नन्नू उर्फ नन्हें अंसारी और कुंवर सैनी को भी वहां पहुंचने को कहा। फिर सैनी ने सोनू गुप्ता को जमीन पर पटककर अपने गमछे से उसका गला कस दिया, जिससे सोनू गुप्ता की मौत हो गई। इस बीच नन्हें अंसारी और कुंवर सैनी भी वहां पहुंचे लेकिन वहां का नजारा देखकर भाग गए। सोनू की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गमछा, जींस पैंट और कमीज बरामद कर ली। शव छिपाने पर पुलिस ने धारा 302 के साथ धारा 201 भी बढ़ाई है।
साथियों की भूमिका की भी जांच होगी
हल्द्वानी। थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक का कहना है कि इस मामले में सोनू सैनी के दोनों साथियों और पत्नी की भूमिका की भी जांच होगी। मौके पर जाने के बाद भी सोनू सैनी के दोनों साथियों ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
सोनू गुप्ता के पिता के साथ काम किया था
हल्द्वानी। गिरफ्तार सोनू सैनी ने बताया कि वह सोनू गुप्ता के पिता तेजपाल के साथ हलवाई का काम करता था। इस कारण उसका सोनू गुप्ता के घर आना-जाना था। पांच साल पहले उसकी सोनू गुप्ता की पत्नी से नजदीकियां बढ़ी थीं। सोनू गुप्ता के बड़े भाई सर्वेश गुप्ता और परिवार के अन्य सदस्य भी सोनू सैनी के आने-जाने पर एतराज करते थे।