रामगढ़ ब्लॉक के गागर क्षेत्र में मकान के लिए नींव खोदते समय मिट्टी का टीला गिरने से आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे एक मजदूर को सकुशल निकाल लिया गया। मृतकों में दो भाई भी शामिल हैं।
हादसे में मरने वाले झारखंड और लखीमपुर खीरी (यूपी) के रहने वाले थे। सूचना पर नैनीताल से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंच गए थे। देर शाम आठों मजदूरों के शवों को निकाल लिया गया।
गागर क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर से कुछ आगे मोड़ के पास संतोष गाडिया नामक व्यक्ति के मकान के लिए नींव खोदने का काम स्थानीय ठेकेदार आईडी पांडे करवा रहा हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे बुनियाद खोदते समय अचानक मिट्टी का टीला भरभराकर गिर गया और वहां काम कर रहे सभी नौ मजदूर मलबे में दब गए।
घटना से मौके पर चीख-पुकार मच गई और भीड़ एकत्र हो गई। आननफानन में हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इधर, मौके पर जुटे ग्रामीण मजदूरों को बचाने के अभियान में जुट गए।
सूचना पर नैनीताल की संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह, सीओ भवाली राजेंद्र सिंह हयांकी, कोतवाल इंद्र सिंह राणा, पटवारी सुरेश सनवाल आदि भी मौके पर पहुंचे। इसी बीच नैनीताल से एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड के जवान भी मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर पत्थरों में फंसे एक मजदूर नरेश (22) पुत्र नीलाराम निवासी दाड़िया गौरीफंटा (लखीमपुर खीरी) को सकुशल निकाल लिया। नरेश को मामूली चोट आई थीं।
वहीं, मलबे में दबने से अन्य आठ मजदूरों की मौत हो गई। देर शाम सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया था। कोतवाल राणा ने बताया कि मृतकों में अरुण (35) उसका भाई देवेंद्र (30) पुत्रगण वैलाश, अजय कुमार (25) पुत्र जुनैद, मिथुन (20) पुत्र जगदीश, और उज्ज्वल (25) पुत्र छुट्टन सभी निवासी जिला पलामू (झारखंड), जबकि गौरीफंटा लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) निवासी देशराज (23) पुत्र रोशन, राहुल (25) पुत्र बालक राम व रमेश राणा (20) पुत्र रामा राणा शामिल हैं। समाचार लिखे जाने तक पंचनामे आदि की कार्रवाई की जा रही थी।