फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर ही नहीं तो कैसे करें बेहतर स्वास्थ्य की अपेक्षा

Fri, 03 Mar 2017 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
विज्ञापन
डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भले ही प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लाख दावे करते रहे लेकिन हकीकत इसके उलट है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की वजह से आए दिन मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है कई बार तो इलाज के अभाव में मरीज दम तोड़ देते हैं।
विज्ञापन


कुमाऊं की ही बात करें तो मंडल में पुरुष चिकित्सकों के 238 और महिला चिकित्सकों के 38 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंडल में साधारण ग्रेड पुरुष संवर्ग के 816 पद सृजित हैं जिसमें से 578 पद भरे गए हैं जबकि 238 खाली हैं। नैनीताल जिले में 244 में से 166, अल्मोड़ा में 149 में से 94, पिथौरागढ़ में 137 में से 91, ऊधमसिंह नगर में 154 में से 131, चंपावत में 69 में से 48 जबकि बागेश्वर में 63 में से 48 पद ही भरे गए हैं।

जहां तक साधारण ग्रेड महिला चिकित्सकों की बात है, मंडल में कुल सृजित 133 पदों में से 95 भरे गए हैं। नैनीताल में 28 में से 23, अल्मोड़ा में 38 में से 24, पिथौरागढ़ में 23 में से 15, ऊधमसिंह नगर में 22 में से 16, चंपावत में 12 में से 9 जबकि बागेश्वर में 10 में से 8 पद भरे गए हैं।
विज्ञापन


नर्सेज के पद भरने से अस्पतालों को राहत

भले ही डाक्टरों की कमी से मरीज परेशान हों लेकिन नर्सों की भर्ती से राहत जरूर मिली है। मंडल में कुल सृजित नर्सेज के 417 पदों में से 368 भरे हैं मात्र 49 ही खाली हैं। नैनीताल में 165 में से 145, अल्मोड़ा में 84 में से 77, पिथौरागढ़ में 58 में से 48, ऊधमसिंह नगर में 74 में से 70, चंपावत में 23 में से 18 जबकि बागेश्वर में 13 में से 10 पद भरे गए हैं। ब्यूरो

रिक्त पदों की सूचना देहरादून भेजी जाती है
- कुमाऊं मंडल में डॉक्टरों की कमी जरूर है लेकिन जिला व बेस अस्पतालों में अधिकांश डॉक्टरों के पद भरे हुए हैं। दूरदराज क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी है। फिलहाल मंडल स्तर से हर माह डॉक्टरों की रिक्तियों की सूचना महानिदेशालय देहरादून को भेजी जाती है। निदेशालय से ही पद भरे जाते हैं।
विज्ञापन

-डा. मीना पुनेरा भट्ट, निदेशक, कुमाऊं मंडल, नैनीताल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें