नैनीताल। शनिवार को नैनीताल समेत जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में इस मौसम का पहली बार जमकर हिमपात हुआ। सभी पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। हिमपात की खबर मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सैलानी नैनीताल और आसपास के पिकनिक स्पाटों पर पहुंचे और खूब मस्ती की। नैनीताल में देर शाम को जमकर बर्फ गिरी। इसके चलते नैनीताल का न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। हिमपात के चलते धानाचूली बैंड से आगे की ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। सुबह के समय नगर की ऊंची चोटियों पर हिमपात और नगर क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई। लेकिन, दोपहर बाद नगर क्षेत्र में भी बर्फबारी शुरू हो गई। हिमपात की सूचना मिलते ही स्नोव्यू, किलबरी, टिफिनटॉप, सात नंबर क्षेत्र, बिड़ला परिसर, हिमालय दर्शन आदि क्षेत्रों में सैलानियों की संख्या में एकाएक इजाफा होने लगा। दोपहर करीब दो बजे किलबरी रोड में सैलानियों के वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम की स्थिति पैदा हो गई। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह जाम खुलवाया। बर्फबारी के चलते नैनीताल में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले संपर्क मार्गों के बर्फ से पटने के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भीमताल (नैनीताल)। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गागर, रामगढ़, मुक्तेश्वर, धारी, धानाचूली, मनाघेर, चौरलेख, पहड़पानी, मोतियापाथर, भटेलिया, सतबूंगा, गागर, शीतला और नथुवाखान क्षेत्र में हिमपात शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा। इससे आसपास की सभी पहाड़ियां बर्फ से पट गईं। देर शाम तक धानाचूली बैंड में छह इंच, धानाचूली बैंड से चौरलेख तक करीब एक फुट तथा मुक्तेश्वर में भी एक फुट बर्फ पड़ चुकी थी। लगातार हुए हिमपात के चलते धानाचूली-हल्द्वानी रोड में ग्वालाकोट और धारी के मध्य जंगल में एक ट्रक के बर्फ में फंसने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। खबर लिखे जाने तक कई यात्री फंसे हुए थे। हिमपात के चलते धानाचूली बैंड से शहरफाटक और ओखलकांडा की ओर जाने वाली सड़कों में यातायात ठप था और वाहन सड़कों में जगह जगह फंसे हुए थे।
नैनीताल। हिमपात के चलते जहां एक ओर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, लगातार हुई बारिश के चलते बिजली की आंखमिचौली भी जारी रही। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ठंड के बावजूद नैनीताल में कोयले की किल्लत बनी हुई है। वहीं, वन निगम के मल्लीताल स्थित टाल से भीगी हुई लकड़ियां मिलने से लोगों में गुस्सा था।