स्मैक तस्करों ने पुलिस की सख्ती के बाद अब नकाबपोश महिलाओं को अपने कारोबार लगा दिया है। चेकिंग नहीं होने के कारण नकाबपोश महिलाएं अपना काम आराम से करने में सफल हो जा रही है। पुलिस के रडार पर ऐसी 13 महिलाएं हैं जो शहर के युवाओं की नसों में नशा घोल रही हैं। इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया है।
जिला पुलिस ने स्मैक तस्करी के मामले में 57 मुकदमों को दर्ज कर कई तस्करों को गिरफ्तार किया है। मंडी चौकी प्रभारी डीएन महंत महिला तस्कर मेहनाज सहित 15 लोगों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर चुके हैं। मेहनाज की गिरफ्तारी के बाद उसका पति रियासत स्मैक तस्करी करने लगा। एसओजी और बनभूलपुरा की टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
अब पुलिस को सूचना मिली है कि बनभूलपुरा क्षेत्र की 13 महिलाएं किच्छा से स्मैक खरीदकर लाती है। एक स्थानीय व्यक्ति ने थानाध्यक्ष को बताया कि स्मैक तस्करी में लिप्त महिलाएं उसी के समाज की हैं। महिलाओं के पति और अन्य रिश्तेदार स्मैक को बेचते हैं।
कमाई का 50 फीसदी हिस्सा महिलाओं का होता है। लाइन नंबर 14 में महिला स्मैक तस्करों की संख्या सबसे ज्यादा है। नकाब लगाने के कारण पुलिस वाले उनकी जांच नहीं करते हैं। इस कारण उनका कारोबार बेरोकटोक चल रहा है। पुलिस का कहना है कि सटीक सूचना के आधार पर अब महिला पुलिसकर्मी महिलाओं की जामा तलाशी ली जाएगी।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि स्मैक के धंधे को लेकर आए दिन मारपीट की वारदातें हो रही हैं। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी का कहना है कि सटीक सूचना मिलने पर इस मामले में गहराई से जांच की जाएगी। पुलिस तस्करों को जेल भेजने के लिए तैयार है। इस बारे में एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस तस्करों के खिलाफ काम कर रही हैं। ऐसी महिलाओं को पकड़ने के लिए अतिरिक्त पुलिस लगाई जाएगी।