हल्द्वानी। विधायक सुमित ह्रदयेश का कहना है कि प्रदेश सरकार ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ से पहले खुद की पीठ थपथपाने के लिए तीन और चार नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया है। उन्होंने सरकार से प्रदेश में विकास, रोजगार और निवेश जैसे मुद्दों पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की जिससे जनता को वास्तविक्ता पता चल सके। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों को लाभ देने के लिए लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर चोरी का नया तरीका हैं जो गरीब आदमी की जेब पर डाका डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी ने राज्य में सिडकुल स्थापित कर लाखों परिवारों को रोजगार दिलाया। भाजपा के सत्ता में आने के बाद अधिकारियों ने ऐसी मिलीभगत की कि स्थानीय बेरोजगारों को इन उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार मिलना भी बंद हो गया। सरकार ब्रांडिंग और पोस्टरों पर एक हजार करोड़ खर्च करती है जबकि इतनी धनराशि से हल्द्वानी में आईएसबीटी, जू, स्टेडियम समेत कई बड़े काम पूरे हो सकते थे।
हल्द्वानी के लिए स्वीकृत 2200 करोड़ से यहां के एक भी व्यक्ति को काम नहीं मिला। उन्होंने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, खनन और खड़िया उद्योग के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। कहा कि सरकार ने बेहिसाब सर्किल रेट बढ़ाकर लोगों का मकान बनाने का सपना भी छीन लिया है। वार्ता में पार्टी जिलाध्यक्ष राहुल छिम्वाल, महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, मधु सांगुड़ी, शोभा बिष्ट, एनबी गुणवंत आदि मौजूद रहे।
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जाति-धर्म के नाम पर मुद्दों से भटकाती है भाजपा
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि अब जनता बदलाव का मन बना चुकी है। जब उनसे पूछा गया कि जनता बदलाव चाहती है लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस चुनाव में इसे कैश क्यों नहीं करा पाती? तो वह बोले कि भाजपा चुनाव के दौरान जाति-धर्म के नाम पर खेल कर मतदाताओं का ध्यान मुद्दों से भटका देती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सत्ता तक पहुंचने के लिए पार्टी को बूथ स्तर से ही मजबूत करने की भी जरूरत है।